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सिमारला जागीर वासियों ने की अवैध पट्टे को निरस्त करवाने की मांग

सिमारला जागीर वासियों ने पंचायत समिति के विकास अधिकारी को ज्ञापन देकर अवैध पट्टे को निरस्त करवाने की मांग की। ...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 05:55 AM IST
सिमारला जागीर वासियों ने पंचायत समिति के विकास अधिकारी को ज्ञापन देकर अवैध पट्टे को निरस्त करवाने की मांग की।

ग्रामवासियों ने ज्ञापन में बताया की सिमारला जागीर ग्राम में नृसिंहजी भगवान का मंदिर है, इस मंदिर भूमि का ग्राम पंचायत सरपंच सरदार सिंह यादव व ग्राम सेवक हरफूल सिंह यादव ने मिलीभगत करके कमला देवी प|ी मोहनलाल शर्मा निवासी सिमारला जागीर के नाम से पट्‌टा जारी कर दिया। साथ ही मंदिर भूमि का सिविल न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय में वर्ष 2014 से प्रकरण विचाराधीन है। पट्‌टे की गहनता से निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्राम पंचायत ने मंदिर के सामने पुरातत्व विभाग के सरकारी कुएं व आयुर्वेद औषधालय भवान के पास बने शौचालय को भी तुड़वा दिया है। सिमारला जागीर ग्राम पंचायत के ग्रामसेवक हरफूल सिंह यादव ने बताया की कमला देवी को आबादी भूमि का पट्टा जारी किया गया है। इसमें ग्राम सभा में संपूर्ण कोरम के प्रस्ताव पर आबादी भूमि के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। न्यायालय के प्रकरण की जानकारी नहीं है, ना ही ग्राम पंचायत से न्यायालय की कोई तामील हो रखी है। कमला देवी के दो बेटे है। एक बेटा किशोर कुमार शर्मा कमला देवी की देखभाल करता है, कमला देवी उसके पास रहती है। दूसरा बेटा सीताराम है। पट्टा जारी होने के बाद किशाेर बैंक से लोन लेने की कार्रवाई कर रहा है। इससे सीताराम परेशान होकर ग्रामवासियों से कह रहा है कि लोन की संपूर्ण रकम मां कमला देवी एक बेटे किशोर को देगी तथा दोनों भाइयों में आपसी लेनदेन का मामला भी चल रहा है। इसके भी स्टांप आदि लिख हुए है। सिमारला जागीर ग्राम पंचायत सरपंच सरदार सिंह यादव ने बताया की कमला देवी काे आबादी भूमि का नियमानुसार पट्टा जारी किया गया है। कमला देवी के दो बेटे है, उनमें आपसी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। मंदिर भूमि में पट्टे देने की बात गलत है तथा न्यायालय के प्रकरण की ना तो पंचायत को जानकारी है, ओर ना ही न्यायालय से तामील है।