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15 दिन से शहर की 30 कॉलाेनियों में दिन में जल रही हैं स्ट्रीट लाइटें, अब तक 5 लाख रुपए का नुकसान

Dainik Bhaskar

Jul 16, 2018, 06:00 AM IST

Rupangarh News - श्याम मनोहर पाठक | मदनगंज किशनगढ़ नगर परिषद के अधिकारियों की उदासीनता का आलम है कि पिछले 15 दिनों से शहरभर की रोड...

15 दिन से शहर की 30 कॉलाेनियों में दिन में जल रही हैं स्ट्रीट लाइटें, अब तक 5 लाख रुपए का नुकसान
श्याम मनोहर पाठक | मदनगंज किशनगढ़

नगर परिषद के अधिकारियों की उदासीनता का आलम है कि पिछले 15 दिनों से शहरभर की रोड लाइटें दिन में भी जल रही हैं। इन पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। खास बात ये है कि जबकि नगर परिषद इन रोड लाइट का पैसा आमजन से वसूलती है।

पिछले 15 दिन से स्ट्रीट लाइट दिन में जलने से करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हो गया है, जो आमजन से ही वसूले जाएंगे। शहर में आमजन द्वारा उपयोग लिए जाने वाली बिजली में से 15 पैसे प्रति यूनिट अरबन सेस के हिसाब से बिजली के बिल में वसूला जाता है। नगर परिषद की इस मद से स्ट्रीट लाइट का भुगतान किया जाता है। किसी माह कम राशि होने पर उसे हर महीने एडजस्ट किया जाता है।

लापरवाह : अधिकारी व जनप्रतिनिधि

किशनगढ़ में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की लापरवाही है कि वे कई बार इन दिन में जलती हुई रोड लाइट के नीचे से गुजरते हैं लेकिन उन्होंने इसे बंद करवाने की जहमत तक नहीं उठाई। नगर परिषद सभापति, आयुक्त, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि दिन में कई बार इन स्ट्रीट लाइटों वाले रोड से गुजरते हैं लेकिन किसी ने भी इन्हें दिन में बंद नहीं कराया।

गैर जिम्मेदार : नगर परिषद

हालांकि स्ट्रीट लाइटों का बिल नगर परिषद द्वारा ही भरा जाता है, लेकिन उसके पैसे आमजन द्वारा वहन किए जाते हैं।

सिंधी काॅलोनी

आखिर कौन है जिम्मेदार

डिस्कॉम द्वारा स्ट्रीट लाइटों में सिर्फ सप्लाई दी जाती है, लेकिन शहर में लगी इन स्ट्रीट लाइटों को बंद व चालू करने का पावर स्विच नगर परिषद के पास है। इसके लिए वास्तव में जिम्मेदार नगर परिषद के वह कर्मचारी हैं, जिसे यह काम सौंपा गया है। उसके बाद वह जिम्मेदार है, जो इसकी मॉनिटरिंग करते हैं। उसके बाद नगर परिषद के आयुक्त, अधिकारी, सभापति व पार्षद भी जिम्मेदार हैं।

हर साल 20 से 25 लाख का भार | किशनगढ़ में इस बार लापरवाही की सारी हदें पार हो गई। आमतौर पर महीने में 5 से 7 बार स्ट्रीट लाइटेंं दिन में जलती रहती हैं। सालभर में औसतन करीब 2 महीने तक सिलसिला जारी रहता है, जिससे हर साल 20 से 25 लाख आमजन को ज्यादा भुगतने पड़ते हैं, लेकिन इस बार अधिकारियों की लापरवाही से लाइटें 15 दिन से जल रही हैं।

सुस्त : आमजन

शहरभर में चलने वाली रोड लाइट का पैसा हम देते हैं। पिछले 15 दिनों से शहर भर की स्ट्रीट लाइट दिन में जल रही हैं। हमें यह पता है, लेकिन उसके बाद भी हमने किसी से इसकी शिकायत नहीं की, जबकि इस बार दिन में 15 दिन स्ट्रीट लाइट चालू होने से करीब 5 लाख रुपए हमें ही भरने हैं।

पावरहाउस के सामने

शायद बंद करना भूल गए स्विच

परिषद के कर्मचारी व अधिकारी शायद इस बार स्ट्रीट लाइट का पावर स्विच बंद करना भूल गए हैं। भास्कर अलर्ट के माध्यम से उन सो रहे अधिकारियों को जगाने का प्रयास कर रहा है। शायद वे अधिकारी जाग जाएं और शहर में लगी स्ट्रीट लाइट को दिन में न जलने दें। इससे आमजन पर आगे से कभी अतिरिक्त भार न वहन करना पड़े।

यहां जल रही हैं स्ट्रीट लाइट्स

परिषद क्षेत्र में 30 से अधिक काॅलोनियों में दिन रात स्ट्रीट लाइट जल रही हैं। वार्ड एक से सात, लक्ष्मीनगर, दाधीच काॅलोनी मालियों की बाड़ी लाइन किनारे, काली माता मार्ग, शिवाजी नगर, सिंधी काॅलोनी, रूपनगढ़ पावर हाउस के सामने, पुराना शहर, राजारेड्‌डी क्षेत्र कृष्णापुरी सहित 30 से अधिक काॅलोनियों में दिन रात रोडलाइट जल रही है।

अजमेर रोड

जिम्मेदार बोले, बहुत गलत है



15 दिन से शहर की 30 कॉलाेनियों में दिन में जल रही हैं स्ट्रीट लाइटें, अब तक 5 लाख रुपए का नुकसान
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