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विपरीत परिस्थितियां आने पर निखरता है मनुष्य का भाग्य

मदनगंज-किशनगढ़. श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। बालाजी मंदिर में श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा भास्कर...

Dainik Bhaskar

May 25, 2018, 06:15 AM IST
विपरीत परिस्थितियां आने पर निखरता है मनुष्य का भाग्य
मदनगंज-किशनगढ़. श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।

बालाजी मंदिर में श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

रूपनगढ़ रोड स्थित बालाजी मंदिर परिसर पर श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा के दूसरे दिन गुरुवार को कथावाचक पंडित कमलेश शास्त्री ने महाभारत के विभिन्न प्रसंगों पर विस्तार से कथा कही। कथावाचक शास्त्री ने महर्षि नारद के पूर्व जन्म कथा सुनाते हुए कहा कि जिसके जीवन में दुख आता है वही निखरता ही। केवल पानी से नहाने वाले कभी सफल नहीं होते, जो पसीने से नहाते हैं वही सफलता को प्राप्त करते हैं। जीवन में सुख दुख क्या पर कथावाचक ने कहा कि दुख में तड़पो मत और सुख में फूलो मत। मन की मानसिकता की अनुकूलता का नाम सुख और प्रतिकूलता का नाम दुख है। कथावाचक ने कहा कि आज का शुभकर्म ही कल का शुभ भाग्य बनाता है और आज किया गलत कर्म कल का दुर्भाग्य बनाता है। दासी पुत्र रामदास अगले जन्म में ब्रह्मा के पुत्र नारद बने। जब भी बोलो तोल तोल के बोलो। कड़वा शब्द ही जीवन में महाभारत करवाता है। कथावाचक शास्त्री ने विभिन्न प्रसंगों पर विस्तार से कथा कही। कथा की आरती कर विश्राम दिया गया। इस दौरान गणेशीलाल तोषनीवाल, रामस्वरूप तोषनीवाल, अशोक कुमार, कन्या देवी कस्तूरी देवी, विजयशंकर नवाल, सुशील मालपानी, घनश्याम सहित अन्यजन मौजूद रहे।

कथावाचक कमलेश शास्त्री।

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