• Home
  • Rajasthan News
  • Sagwara News
  • Sagwara - स्वयं के दोष और भगवान के गुणों को जानने के लिए करें आत्मचिंतन
--Advertisement--

स्वयं के दोष और भगवान के गुणों को जानने के लिए करें आत्मचिंतन

नंदौड़ में चातुर्मासरत वैज्ञानिक धर्माचार्य कनकनंदी महाराज ने मंगलवार को धर्मसभा में कहा कि हर जीव में भगवान बनने...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 06:10 AM IST
नंदौड़ में चातुर्मासरत वैज्ञानिक धर्माचार्य कनकनंदी महाराज ने मंगलवार को धर्मसभा में कहा कि हर जीव में भगवान बनने की योग्यता है, लेकिन इसके गुरु की आवश्यकता होती है। स्वयं के दोष और भगवान के गुणों को जानने के लिए आत्मचिंतन, परिशोधन, अनुसंधान की आवश्यकता है। वर्तमान में आचार्य, उपाध्याय, साधु आदि सतत आत्म चिंतन करते हैं और हमें भी आत्मबोध कराते हैं। उन्हें मैं का आत्मा का ज्ञान हो गया है इसलिए वे राग, द्वेष, क्रोध, मान, माया, लोभ रूप में परिगमन नहीं करते हैं और आम इंसान इन सब से गिरा हुआ है। मुनि सुविज्ञसागर, आध्यात्मनंदी, आर्यिका सुवत्सलमति, क्षुल्लिका सुविक्षमति, श्रेयांसश्री माताजी के सानिध्य में महामृत्युंजय और सहस्त्रनाम विधान हुआ।

धर्माचार्य कनकनंदी महाराज।