Hindi News »Rajasthan »Saipau» पार्वती नदी में पानी सूखा वन्यजीवों को बढ़ा खतरा

पार्वती नदी में पानी सूखा वन्यजीवों को बढ़ा खतरा

सैंपऊ. सूखी पड़ी जीवनदायिनी पार्वती नदी। भास्कर संवाददाता|सैंपऊ कस्बे की जीवनदायिनी पार्वती नदी में दो माह...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 12, 2018, 06:45 AM IST

पार्वती नदी में पानी सूखा वन्यजीवों को बढ़ा खतरा
सैंपऊ. सूखी पड़ी जीवनदायिनी पार्वती नदी।

भास्कर संवाददाता|सैंपऊ

कस्बे की जीवनदायिनी पार्वती नदी में दो माह पूर्व ही पानी के सूख जाने के कारण क्षेत्र के पशुधन के साथ वन्यजीवों को खासी मुश्किल हो रही है। नदी के अंदर अब कुछ गड्ढ़ों में ही पानी शेष बचा है और वह भी तेज धूप पड़ने के कारण सूखने के कगार पर है। ऐसे में सबसे बड़ा संकट नदी में पानी के अंदर रहने बाले असंख्य जलीय जीवों के साथ वन्यजीव और क्षेत्र के पशुधन पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। पानी की कमी के चलते इलाके में गर्मी के समय आने बाला पशुधन भी नदी में पानी के सूख जाने के कारण दूसरे क्षेत्रों को पलायन करने लगा है। ऐसे में नदी किनारे बसे मजरों और ढाणियों में पानी की समस्या लोगों को पशुओं के साथ अन्यत्र पलायन करने का बड़ा कारण बन रही है। पिछले चार पांच साल से यह समस्या ज्यादा बढ़ी है। जिसके पीछे साल दर साल वारिश का कम होना और उसके ऊपर नदी में कई स्थानों पर एनीकटों का निर्माण होना है। एनीकट बनाकर पानी रोके जाने से क्षेत्र के कुछ गांवों को तो इसका लाभ मिल रहा है। लेकिन एनीकट से नीचे बसे गांवों के लोगों को इसका भारी खामियाजा उठाना पड़ रहा है। वही पशुओं और वन्यजीवों को नदी में पानी सूखने के कारण जीवन बचाना भारी पड़ रहा है। लोगों की मानें तो वारिश का सीजन प्रारंभ होने से पहले पशुओं और वन्यजीवों के लिए हालात और भी बेहद मुश्किल हो जाएंगे।

एनीकट निर्माण बनने से सूखी जीवनदायिनी।

सैंपऊ क्षेत्र में पिछले चार पांच साल से जीवनदायिनी पार्वती नदी में पानी का संकट बढ़ गया है। वारिश भी इसका एक बड़ा कारण है। रिटायर्ड गिरदावर रामगोपाल शर्मा ने बताया कि नदी पर जब तक एनीकट नहीं बने थे तब गर्मियों में भी नदी की तलहटी में पानी का भंडारण रहता था। लेकिन पिछले कई वर्स से नदी का पानी जनवरी और फरवरी के महीने में ही सूखने लगा है। इससे न केवल फाल्गुन माह में लगने बाला लक्खी मेला प्रभावित रहता है बल्कि शिवमंदिर जाने बाले श्रद्धालुओं की आस्था को भी भारी धक्का लगता है।

खेतों की सिंचाई में चला गया बचा हुआ पानी

नदी में पानी के सूखने को लेकर किसी को चिंता भले ही न हो लेकिन वन्यजीवों से प्रेम करने बाले वन्य प्रेमी इसे लेकर जरूर चिंतित है। नदी से किसानों के द्वारा रवी की फसल की सिंचाई के लिए इंजिन पंप लगाकर अंधाधुंध किए गए जल दोहन के कारण नदी का पानी सूख चुका है। अवैध तरीके से नदी से किए गए जल दोहन को रोकने के लिए कई बार तहसील और उपखंड प्रशासन को भी लोगों ने अवगत कराया था। लेकिन जल दोहन पर अंकुश नहीं लगने के कारण फरवरी तक यथावत रहने बाला नदी का जल स्तर जनवरी की शुरूआत में ही कम हो गया था।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Saipau News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: पार्वती नदी में पानी सूखा वन्यजीवों को बढ़ा खतरा
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Saipau

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×