सैंपऊ

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नहर की पटरी से हटाए अवैध अतिक्रमण

सैंपऊ | मकर संक्रांति के त्यौहार से दो दिन पहले कस्बे के मुख्य चौराहे पर नहर की पटरी पर अवैध दुकान लगाकर बैठे...

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2018, 07:15 AM IST
सैंपऊ | मकर संक्रांति के त्यौहार से दो दिन पहले कस्बे के मुख्य चौराहे पर नहर की पटरी पर अवैध दुकान लगाकर बैठे दुकानदारों को उपखंड प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त अभियान चलाकर उनके झोंपड़े और खोखानुमा दुकानों को बल पूर्वक हटा दिया। अतिक्रमण हटते ही नहर की पटरी साफ और सूनी दिखने लगी तो इससे चौराहा उजड़ा-उजड़ा दिखाई देने लगा। मकर संक्रांति से पूर्व नहर की पटरी से दुकानदारों को हटाने को की गई कार्रवाई से 50 से अधिक फल फ्रूट, चाय और सब्जी विक्रेता एक तरह से बेघर हो गए। कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप और चेहरों पर दुकानों के उजड़ने की मायूसी साफ दिखाई दी।

उपखंडाधिकारी विनोद मीणा ने बताया कि नहर की पटरी पर अतिक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत दर्ज थी। जिस पर पिछले 6 माह से कार्रवाई लंबित चली आ रही थी। शुक्रवार को जिला कलेक्टर के आदेश पर जल संसाधन विभाग और उपखंड प्रशासन के द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए नहर की पटरी पर जमे 50 से अधिक स्थायी और अस्थायी दुकानदारों के खोखे, झोंपड़े और हाथठेलों को स्थायी रूप से हटाया गया है। जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता एसके सिंह ने बताया कि दुकानदारों को हिदायत दी गई है कि आगे से यदि फिर अतिक्रमण की कोशिश की गई तो पुलिस कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार देवीराम मीणा, एएसआई बाबूलाल, हैड कांस्टेबल रामनाथ मीणा, शिवगणेश, जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता दिनेश परमार

सैंपऊ. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए जल संसाधन कर्मी और पुलिस।

दुकानों को उजड़ता देख दुकानदारों के निकले आंसू

नहर पटरी पर दुकान लगाकर पेट पालन करने बाले ज्‍यादातर दुकानदार गरीब तबके के है। इनमें से ज्यादातर दुकानदार फल फ्रूट की दुकान तो कुछ दुकानदार सब्जी की थड़ी तो कुछ के चाय की थड़ी लगाकर परिवारों का भरण पोषण कर रहे थे। ऐसे में दुकानदारों के खिलाफ की गई कार्रवाई से सभी दुकानदारों के आगे रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। दुकानदारों का कहना था कि उनके पास न तो इतना पैसा है कि वे किराए पर दुकान ले लें। कुछ दुकानदारों ने मकर संक्रांति का त्योहार मनाने के बाद कार्रवाई किए जाने को लेकर उपखंडाधिकारी विनोद मीणा के आवास पहुंचकर दो दिन की मोहलत मांगी। लेकिन उपखंडाधिकारी ने अतिक्रमण हटाने का दबाव होने की बात कहकर उन्हें टाल दिया।

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