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किसानों ने जताई नाराजगी, कहा प्रदूषित पानी की रोकथाम नहीं हुई तो धरने के बाद डालेंगे महापड़ाव

लूणी नदी में डाल जा रहे पाली की फैक्ट्रियों के रसायनिक पानी की रोकथाम के लिए शनिवार को किसानों ने एक दिवसीय धरना...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 06:05 AM IST
किसानों ने जताई नाराजगी, कहा प्रदूषित पानी की रोकथाम नहीं हुई तो धरने के बाद डालेंगे महापड़ाव
लूणी नदी में डाल जा रहे पाली की फैक्ट्रियों के रसायनिक पानी की रोकथाम के लिए शनिवार को किसानों ने एक दिवसीय धरना दिया। तहसील के रामपुरा, गोदा का बाड़ा, अजीत, पातो का बाड़ा, भलरो का बाड़ा, भानावास, समदड़ी सिलोर, जेठंतरी के किसानोंं ने धरना प्रदर्शन में भाग लिया। धरना में भाजपा व कांग्रेस के नेताओं ने भी किसानो के साथ धरना देने में अहम भूमिका निभाई। पूर्व विधायक कानसिंह कोटड़ी ने कहा कि फैक्ट्रियों से लम्बे समय से रसायनिक पानी छोड़ने से जलस्तर घटने के साथ-साथ पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पानी का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई करके पानी के बहाव को रोके। किसान नेता व पूर्व सरपंच हनुवंत सिंह रामपुरा ने कहा कि तीव्र औद्योगिकरण ने मरुगंगा लूणी नदी में प्रदूषण की समस्या को निश्चित रूप से खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है। जल प्रदूषण की समस्या से मानव के साथ जलीय जीव जंतु, जलीय पादप तथा पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं। मगर इस चिंता की प्रशासन को कोई फ्रीक नहीं है। जल्द ही प्रदूषित पानी को रोकने के लिए कदम नहीं उठाया तो अब धरना नहीं महापड़ाव किया जाएगा। पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष व पूर्व सरपंच बाबूलाल परिहार ने कहा कि प्रदूषित पानी से हमारे क्षेत्र के पर्यावरण पर खतरा मंडरा रहा है। पानी का जल स्तर घटने के साथ कुओं का पानी रसायनिक होकर खेती बर्बाद हो रही है। केंसर जैसी बीमारियां होने का भय है। चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य टीकमसिंह सिलोर ने कहा कि हर बार पाली की फैक्ट्रियों से पानी नदी में छोड़ने से किसान चिंतित है पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

विधायक समेत अधिकारी धरना स्थल पहुंचे, दिया आश्वासन : धरना स्थल पर किसानों की समस्या सुनने के लिए विधायक हमीरसिंह भायल के साथ कई अधिकारी पहुंचे। विधायक के साथ उपखंड अधिकारी अंजुम ताहिर सम्मा, तहसीलदार सुरेंद्रसिंह खंगारोत, प्रदूषण बोर्ड के चीफ इंजीनियर वीके सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश सिंह सरदार ने शीघ्र प्रदूषित पानी को रोकने का आश्वासन दिया। इस संबंध में किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर पूर्व जिला प्रमुख बालाराम चौधरी, केशर सिंह, करमावास सरपंच अशोक व्यास, बामसीन सरपंच उम्मेदाराम चौधरी, भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अनिरूद्धसिंह, जिला परिषद सदस्य विजय लक्ष्मी राजपुरोहित, मांगीदान चारण, पूर्व सरपंच जुगताराम चौधरी, पूर्व सरपंच माधुसिंह सिलोर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

बांडी-नेहड़ा बांध का पानी की भी खराब हो रहा : पर्यावरणविद महावीरसिंह सुकरलाई ने कहा कि राज्य सरकार, पाली जिला प्रशासन एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल की घोर लापरवाही की वजह से बांडी-नेहड़ा बांध में भरा बरसात का साफ पानी खराब हो गया है और इसी वजह से इस पानी को बांध से खाली करना पड़ा जो कि आगे जाकर भी भारी नुकसान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पेयजल की हमेशा किल्लत रहती है और उसी क्षेत्र में एक बांध का पूरा पानी अनुपयोगी हो जाता है। इससे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात क्या हो सकती है। इस बाबत किसानों ने कई बार जिला कलेक्टर और प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सुकरलाई ने कहा कि एक ओर प्रदेश में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत पानी संग्रहण के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं वही दूसरी ओर बांध में जमा लगभग 200 एमसीएफटी से अधिक पानी प्रदूषण की वजह से खराब हो जाता है और उसे खाली करना पड़ता है जो आगे जाकर भी नदी, कुओं और किसानों की जमीन को खराब कर रहा है। प्रदूषण की समस्या के समाधान को लेकर उच्च न्यायालय एवं नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल की ओर से दिए गए निर्णयों की भी पालना पूरी तरह से नहीं हो रही है। बांडी नदी एवं नेहड़ा बांध में लगातार प्रदूषित पानी प्रवाहित हो रहा है। समस्या का स्थाई समाधान जेड एलडी प्लांट ही है लेकिन इस संबंध में जिम्मेदार गंभीर नहीं। पाली में अभी एक सीईटीपी यूनिट 6 संचालित हो रहा है उसके पास भी कंसेंट टू ऑपरेट नहीं है, नियमानुसार उसे तुरंत प्रभाव से बंद कर देना चाहिए। सुकरलाई ने किसानों और पर्यावरण प्रेमियों से आह्वान किया कि बांडी, लूणी और जोजरी नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करे।

समदड़ी. धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते पूर्व विधायक।

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