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ऑफ द रिकॉर्ड -श्याम आचार्य

उतना ही उलझा हुआ है, आपका स्वास्थ्य विभाग सांचौर के सुखराम विश्नोई ने चौदहवीं विधानसभा में 23 जुलाई, 2014 को अपने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:55 AM IST

उतना ही उलझा हुआ है, आपका स्वास्थ्य विभाग

सांचौर के सुखराम विश्नोई ने चौदहवीं विधानसभा में 23 जुलाई, 2014 को अपने शेर से सदन के सदस्यों को हंसाया भी और चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान भी अकार्षित किया। विश्नोई चाहते थे कि उनके क्षेत्र की पीएचसी और सीएचसी में डॉक्टर लगाएं। वहां फिलहाल डॉक्टर नहीं है। उन्होंने अपना भाषण एक दोहा सुनाकर समाप्त किया।

होने को तो बुलंदी के ख्यालात हैं, मालूम तरक्की के मुकामात हैं।

जितना सुलझा मिला है राठौड़ साहब आपका दिमाग,

उतना ही उलझा हुआ है आपका स्वास्थ्य विभाग।।

अब इन हाथों में कोहिनूर होना चाहिए

राजस्थान की 14वीं विधानसभा में अनुदानों की मांगों पर चर्चा हो रही थी। बोल रहे थे उदयपुरवादी के शुभकरण चौधरी। आसन पर विराजमान श्रीमती किरण माहेश्वरी ने जब उन्हें अपना भाषण समाप्त करने के संकेत दिए तो वे चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री के बारे में एक शेर पेश करने का मोह संवरण नहीं कर सके। उन्होंने सभापति से अर्ज किया- अब फैसला जो भी हो मंजूर होना चाहिए/ जंग हो कि इश्क हो भरपूर होना चाहिए/ कट चुकी है उम्र इन हाथों को पत्थर तोड़ते/ अब इन हाथों में कोहिनूर होना चाहिए। अब ऐसा कोहिनूर किसान के हाथों में पैदा करो कि हम आपको दुआएं दें और किसान छाती ठोककर कहे कि अबकी बार हमने 163 चुनकर भेजे हैं, जिन्होंने डोटासराजी की जुबान बंद कर दी...। कुछ ऐसा फैसला करो और इनको बताओ... इस पर कुछ टिप्पणी कि तो शुभकरण चौधरी ने एक और शेर जड़ दिया- हमको दुनिया ने बसा रखा है दिल में अपने/ हम किसी हाल में बेघर नहीं होने वाले/ ये सूरज लिए फिरा करते है कंधों पर अपने/ ये किसी हाल में राजेंद्र राठौड़, गुलाब चंद कटारिया नहीं होने वाले/ इस पर सदन में जोरों की हंसी गूंज उठी।

कौन छींक रहा है?

चौदहवीं विधानसभा में 23 जुलाई, 2014 को चिकित्सा एवं लोकस्वास्थ्य और सफाई विभाग के अनुदानों की मांगों पर पेश कटौती प्रस्तावों पर केशोरायपाटन के बाबूलाल वर्मा बोल रहे थे। जब उन्होंने कहा कि मेरा केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र 125 से 150 किलो मीटर के एरिया में बसा हुआ है। इसी बीच किसी एक माननीय सदस्य ने जोरो से छींक दिया तो सदन के अनेक सदस्य हंस उठें। तब वर्मा ने पूछा- कौन छींक रहा है? इस पर सदन में फिर हंसी गूंजी। आसन पर विराजमान सभापति श्रीमती किरण माहेश्वरी ने टिप्पणी की कि च्च्इलाज की जरूरत हैज्ज्, लेकिन कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासर(लक्ष्मणगढ़)ने जब यह टिप्पणी कि की सभापति महोदय ये इसलिए छींक रहे हैं कि आप मंत्री होकर जवाब देतेतो अच्छा लगता आपकी योग्यता के हिसाब से। इसलिए यह छींक रहे हैं। (फिर हंसी)। तब वर्मा ने कहा गोविंद सिंह जी कोई प्रेम छलक रहा है क्या? ऐसा नहीं है।(फिर हंसी)। इस समय बाबूलाल वर्मा नागरिक आपूर्ति एवं खाद्य विभाग के मंत्री हैं।

भिण्डरवाला के नाम से तो कोई भी डर जाता

2 जुलाई 2014 को रणधीर सिंह भीण्डर चिकित्सा विभाग के अनुदानों की मांगों पर कटौती प्रस्तावों पर हुई चर्चा के दौरान उनके क्षेत्र में हुए एक एक्सीडेंट के समय फोन से 108 एम्बूलेंस मगाने का ब्यौरा पेश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस स्थल से फोन कर रहा था वह कुरावड़ से 10 किलोमीटर दूर ही है। वह आने में आनाकानी कर रहा था। तब मैंने कुरावड़ वाले से कहा कि आप भीण्डर वाले को कहो। लेकिन बाद में मैंने भींडर वाले को डांटा और कहा कि मैं तुम्हारा विधायक ही बोल रहा हूं। मुझे पता है कि भींडर ज्यादा पास है, लेकिन 108 एम्बूलेंस नहीं आई। खून इतना बह गया कि उस दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इस पर सांगानेर के घनश्याम तिवाड़ी (भाजपा) ने चुटकी ली कि सभापति महोदय (राव राजेंद्र सिंह) माननीय सदस्य कह रहे हैं कि मैं भिण्डर वाला बोल रहा हूं, तब आया, तो भिण्डर वाला के नाम से तो कोई भी डर जाता है। इस पर सदन में हंसी गूंज उठी।

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