Hindi News »Rajasthan »Sanchore» आयकरदाताओं को राहत : आईटी रिटर्न के लिए अब नया फार्म करदाता को अब देनी होगी अपने वेतन व प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी

आयकरदाताओं को राहत : आईटी रिटर्न के लिए अब नया फार्म करदाता को अब देनी होगी अपने वेतन व प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकरदाताओं को और अधिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नया आईटीआर फॉर्म...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 06:00 AM IST

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकरदाताओं को और अधिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नया आईटीआर फॉर्म जारी किया है। यह फॉर्म वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए जारी किया है। सीबीडीटी ने नया फॉर्म भले ही जारी कर दिया हो लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए अभी इंतजार करना होगा। वजह आयकर विभाग की वेबसाइट पर अभी ई-फाइलिंग चालू नहीं होना है।

सीबीडीटी की तरफ से जारी किए नए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में व्यक्तिगत करदाताओं से उनकी सैलरी स्ट्रक्चर और प्रॉपर्टी से इनकम को लेकर ज्यादा जानकारी मांगी गई है। वहीं, कारोबारियों को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर जीएस टीआईएन और जीएसटी के तहत रिपोर्ट किए गए टर्नओवर की जानकारी देना जरूरी कर दिया है।

आयकर रिटर्न

वेबसाइट पर ई-फाइलिंग चालू होने के बाद किया जा सकेगा नए फॉर्म का उपयोग

रिटर्न फॉर्म एक नजर में

आईटीआर-1
वेतन एवं पेंशन भोगी करदाताओं एवं ब्याज से आय पर

आईटीआर-2 व्यवसाय को छोड़कर अन्य आय के लिए

आईटीआर-3 व्यवसाय एवं प्रोफेशन से आय के लिए

आईटीआर-4 व्यवसाय एवं प्रोफेशन की मानी गई आय के लिए

80 साल से ज्यादा के पेंशनर पेपर पर रिटर्न दाखिल करें

सीए कौस्तुभ दवेरा के अनुसार सीनियर सिटीजन जो कि 80 साल से अधिक उम्र के हैं एवं पेंशन एवं ब्याज की आय है तो ऐसे करदाता पेपर फॉर्म में भी विवरणी दाखिल कर सकेंगे। यदि रिफंड लेना है तो ऑनलाइन ई-फाइल करना होगा। फाॅर्म का अभी सरलीकरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में 5 से 10 दिन और लगेंगे। ताकि लोगों को आसानी हो सके। इधर व्यापारियों का कहना है कि इस वर्ष व्यवसायियों को आयकर दाखिल करते समय जीएसटी की जानकारी विवरणी में दाखिल करना होगी। वेतनभोगी करदाता जिनका वेतन एवं ब्याज, मकान संपत्ति से आय 50 लाख रुपए तक है उनके द्वारा सरलीकृत फॉर्म एक भरना होगा। इस वर्ष वेतनभोगी करदाताओं को मूल वेतन एवं भत्तों की जानकारी फार्म 16 के मुताबिक देना होगी। फॉर्म 16 नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को दिया जाता है। वहीं, ऐसे करदाता जिनकी व्यवसाय या प्रोफेशनल से आय नहीं है तो रिटर्न फॉर्म -2 भरना होगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sanchore

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×