Hindi News »Rajasthan »Sanchore» 91 दिनों से चल रहे महायज्ञ व सात दिवसीय कथा का हुआ समापन, वक्ताओं ने कुरीतियों को मिटाने का दिया संदेश

91 दिनों से चल रहे महायज्ञ व सात दिवसीय कथा का हुआ समापन, वक्ताओं ने कुरीतियों को मिटाने का दिया संदेश

जंभेश्वर मंदिर मालवाड़ा में आयोजित 91 दिवसीय श्री विष्णु जांभोजी महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं सात दिवसीय दिव्य...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 06:00 AM IST

91 दिनों से चल रहे महायज्ञ व सात दिवसीय कथा का हुआ समापन, वक्ताओं ने कुरीतियों को मिटाने का दिया संदेश
जंभेश्वर मंदिर मालवाड़ा में आयोजित 91 दिवसीय श्री विष्णु जांभोजी महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं सात दिवसीय दिव्य जंभसार कथा का समापन सोमवार को हुआ। समापन समारोह को लेकर मालवाड़ा मंदिर परिसर में हवन व मेले का आयोजन किया गया। अलसुबह से ही मेले में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ने लगा। श्रद्धालुओं की ओर से मेले परिसर में बने हवन कुंड में घी, नारियल, जौ, तिल एंव प्रसादी की आहुतियां देकर खुशहाली की मन्नत मांगी। वही मुकाम पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद आचार्य के सान्निध्य में 120 वैदिक मंत्रोच्चार से पाहल बनाकर बिश्नोई समुदाय के लोगों को पिलाया गया।

साधु संत एंव समाज संगठित होंगे तब मिटेगी कुरीतियां- पीठाधीश्वर : मालवाड़ा में आयोजित महायज्ञ एंव कथा के समापन समारोह पर दोपहर को धर्मसभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा का संबोधित करते हुए मुकाम पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद आचार्य ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने के लिए सगंठित होना बेहद जरुरी है। उन्होंने कहा कि बिश्नोई समाज एंव साधु संत संगठित होकर समाज हित में जो फैसला लेंगे वो समाजहित में लागू होगा। स्वामी कृष्णानंद आचार्य ऋ षिकेश ने कहा कि समाज में रात्रि में आयोजित होने वाली विवाह प्रथा सबसे बड़ी कुरीति है। रात्रि के समय में कोई विशेष कार्य नहीं किया जाता है। लेकिन इस समाज में जीवन भर साथ निभाने वाली रस्म रात्रि में अदा की जाती है। समाज में फैली इस प्रथा को जड़ से उखाड़कर फंेक देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाह कि सारी रस्में सूर्यास्त होने से पहले पूर्ण हो जानी चाहिए। महंत शिवदास रुड़कली ने कहा कि समाज विकास के लिए नया दौर घातक सिद्ध हो रहा है। हम कुरीतियां मिटाने के लिए विचार मंथन कर रहे हंै। इधर युवा वर्ग साधु संतों एंव अपने परिवार के वरिष्ठ जनों को दरकिनार करते हुए शादी समारोह में डीजे डांस सहित प्रोग्राम का आयोजन कर रहे है। युवा वर्ग शराब सहित अन्य कई प्रकार का नशा कर डीजे कि धुन में मस्त रहते हैं, जो समाज के लिए घातक हो सकता है। ऐसे में समाज में आयोजित होने वाले सभी प्रोग्राम में डीजे पर पूर्णरूप से पाबंदी होनी चाहिए। कथावाचक स्वामी सच्चिदानंद आचार्य ने कहा कि सात दिवसीय कथा में अर्जित किए ज्ञान को अपने जीवन में लागू कर जीवन धन्य बनाने का आह्वान किया। इस दौरान पूनमाराम बिश्नोई ने समाज के युवाओं को नशे की लत से दूर रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं व पुरुष मौजूद रहे।

सांचौर. जम्भसार कथा समापन के दौरान पाहल लेते समाज के लोग।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Sanchore News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 91 दिनों से चल रहे महायज्ञ व सात दिवसीय कथा का हुआ समापन, वक्ताओं ने कुरीतियों को मिटाने का दिया संदेश
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Sanchore

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×