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जुलूस निकाल किया प्रदर्शन, बंद कराए प्रतिष्ठान

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ एसटी/एससी द्वारा 02 अप्रैल को भारत बंद को सफल बनाने के लिए भीम सेना के हजारों लोगों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 03, 2018, 06:25 AM IST

जुलूस निकाल किया प्रदर्शन, बंद कराए प्रतिष्ठान
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ एसटी/एससी द्वारा 02 अप्रैल को भारत बंद को सफल बनाने के लिए भीम सेना के हजारों लोगों ने कस्बे में जुलूस निकालकर बाजार बंद कराया। कस्बे में एसटी/एससी के बैनर तले वनियाराम मीणा के नेतृत्व में करौली बड तिराहे से जुलूस निकाला गया जो करौली बस स्टैंड, बाडी बस स्टैंड, अस्पताल रोंड, फौदा का चाैक, सब्जीमंडी, चेलपुरा होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचा। जुलूस के दौरान कमेटी ने प्रतिष्ठानों को बंद कराया।

जुलूस को देखते हुए लोगों ने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। कमेटी के सदस्यों ने बीच बीच में लोगो को शांति बनाए रखने का हवाला दिया गया। जुलूस के एसडीएम कार्यालय पर पहुंचने के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम एसडीएम मोहम्मद ताहिर को ज्ञापन दिया गया। कमेटी ने ज्ञापन में राष्ट्रपति से सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसटी/एससी के मामले में दिए गए निर्णय को यथावत रखने की मांग की गई। इस दौरान रामखिलाड़ी पवैनी, ओमवीर पैलावत, रामनिवास मीणा, सूआलाल जाटव, ओमप्रकाश मास्टर, सरपंच केदारसिंह मीणा, सरपंच जीतू मीणा, सरपंच कालीचरण जाटव, रामसहाय मीणा, प्रहलाद मीणा सहित एसटी/एससी के लोग मौजूद थे।

बसेड़ी | कस्बे में सोमवार को एससी व एसएसटी एक्ट को पूर्व की भांति लागू करने को लेकर दलित समाज के नागरिकों ने रैली निकाली। रैली में महिलाएं भी हाथों में तख्तियां लेकर चल रही थी। रैली नयावास से प्रारंभ होकर सदर बाजार, मुख्य चौराहा, हवेली थोक सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए उपखण्ड कार्यालय पहुंची जहां एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रैली के दौरान दलित समाज के नागरिकों ने व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की। जिस पर व्यापारियों ने दुकानों की शटर गिरा दी। लेकिन जैसे ही रैली आगे निकली तो दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल ली। जिससे बसेड़ी में बंद बेअसर रहा।

समझाइश

राजाखेड़ा. कस्बे में जुलूस के दौरान मौजूद प्रदर्शनकारी और पुलिस।

वक्ता बोले-दलित विरोधी है सरकार

राजाखेड़ा | कस्बे के भीमराव अंबेडकर पार्क में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण समिति राजाखेड़ा के बैनर तले एक सभा का आयोजन किया जिसमें वक्ताओं ने और पुर पुरजोर से सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी, एसटी अधिनियम में किए गए फेरबदल को लेकर विरोध जताया सभा के बाद सभी लोग एकत्रित होकर जुलूस के रुप में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस चौकी टाउन राजाखेड़ा से मुख्य बाजार होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे जुलूस में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की कार्यालय के बाहर वक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने विचार रखते हुए सरकार पर दलित विरोधी आरोप लगाए और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि दलितों की दुर्दशा को देखते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासन काल में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 का एक बिल संविधान में पेश हुआ था जिसमें दलितों को सदन में सर्व सर्वसम्मति एवं ध्वनिमत से पारित किया गया था जिसको राज्यसभा द्वारा पारित होने के बाद नियम 1995 के तहत पूरे भारतवर्ष में प्रभावी कर दिया गया। क्योंकि संपूर्ण भारत में दलित अत्याचार एवं दलित महिलाओं के साथ विभिन्न प्रकार के अमानवीय अत्याचार हो रहे थे इसलिए देश में एससी-एसटी एक्ट अत्याचार अधिनियम 1989 नियम 1995 के तहत संपूर्ण भारत में दलितों की सुरक्षा के लिए लागू कर दिया गया था। क्योंकि 20 मई 2018 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के द्वारा अधिनियम में फेरबदल कर निष्प्रभावी कर दिया गया। इसके विरोध में हम राजाखेड़ा के दलित शोषित पीड़ित आदिवासी पुरजोर विरोध करते हैं। राष्ट्रपति से तुरंत प्रभाव से इस कानून को पुन: बहाल करने की मांग की है। यदि इस कानून को पुनः बहाल नहीं किया गया तो हिंदुस्तान के तमाम दलित शोषित पीड़ित अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन में मांग की गई है कि आप अपने तुरंत प्रभाव से संशोधन को वापस लेने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। इस अवसर पर शिवराम गोपाली, राम राकेश वर्मा, ओमप्रकाश महेश चंद, रामवीर पारस, सुरेश, रामप्रकाश, हरिश्चंद्र, अशोक पहाड़िया, भगवान सिंह, संतोष, नेमीचंद, सुंदर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

बसेड़ी. उपखंड कार्यालय पर मौज्ूद लोग।

बाड़ी. कस्बे में हालात नियंत्रण करने के लिए तैनात पुलिस बल।

सैंपऊ कई संगठनों ने निकाले जुलूस

सैंपऊ | एससी- एसटी संगठनों के आह्वान पर निकाले गए भारत बंद जुलूस कस्बे में शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया। जुलूस में सैकडों की तादाद में लोग शामिल हुए। जिन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लाए जा रहे बदलाव का विरोध करते हुए इसे दलित विरोधी बताया और जुलूस के रूप में उपखंडाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम उपखंडाधिकारी विनोद मीणा को ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन देने बालों में प्रधान मीनेंद्र लहरी, भाजपा एससी प्रकोष्ठ के मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण कोली, रामवीर पहाडिय़ा, विजेंद्र सिंह धोबी, विनोद लहरी, रामस्वरूप लहरी, ओमी जाटव, संजू लहरी, बदन सिंह जाटव, अर्जुन बाल्मीकि, माताप्रसाद बाल्मीकि, गंगे जाटव, लक्ष्मीनारायण जाटव, अमर सिंह जाटव, मोहन लाल धोबी, बदन सिंह धोबी, भीमप्रकाश, संजय पहाडिय़ा, जोगेंद्र पहाडिय़ा समेत सैकडों की संख्या में लोग मौजूद थे। इस मौके पर कानून व्यवस्था संभालने के लिए थाना प्रभारी टीनू सोगरवाल, कौलारी थाना प्रभारी परमजीत पटेल समेत पुलिस जाब्ता तैनात था।

सरमथुरा. बाजार में जुलूस निकालते भीमसेना के सदस्य।

बसईनवाब में पत्थर डालकर लगाया जाम

बसईनवाब | कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों मे आज एससी व एसटी एक्ट मे संशोधन के विरोध मे दलित वर्ग के सैकड़ों युवाओं ने सुबह कस्बे के मुख्य चौराहे पर भाजपा सरकार के विरोध मे जमकर नारे लगाएं। इस दौरान दलित वर्ग के युवाओं के हाथों मे डा. भीमराव अम्बेडकर के बैनर और झंडे लिए हुए थे। मुख्य चौराहे पर थोड़ी ही देर मे दलित वर्ग के एकत्रित सैकड़ों युवाओं ने मुख्य बाजार मे पत्थर डालकर जाम लगा दिया

सख्ती

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Web Title: जुलूस निकाल किया प्रदर्शन, बंद कराए प्रतिष्ठान
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