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चिकित्सक हाेने के बावजूद मेलनर्स करते हैं उपचार

उपखंड के बड़ागांव अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं वहीं...

Dainik Bhaskar

Feb 21, 2018, 06:55 AM IST
उपखंड के बड़ागांव अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं वहीं रोगियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित समय पर डॉक्टर के नहीं पहुंचने के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही है।

वहीं रोगियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने बड़ागांव में पीएचसी पर एक चिकित्सक सहित तीन मेलनर्स, दो एएनएम व स्वीपर सहित चतुर्थश्रेणी कर्मचारी तैनात किए हुए हैं, लेकिन अस्पताल में तैनात डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग के नियमों को ताक में रखकर अस्पताल को संचालित किए हुए है। अस्पताल में चिकित्सक तैनात होने के बावजूद रोगियों को मेलनर्सो पर उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।

ग्रामीण मानसिंह, हाकिम, गहलोत, कैलाश, रामबाबू व महेन्द्र ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 40 से 50 रोगी उपचार कराने अस्पताल आते है लेकिन अस्पताल में तैनात चिकित्सक अस्पताल में निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते है जिसके कारण रोगियों को मेलनर्सो पर उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक की ग्रामीणों ने कभी शक्ल तक नहीं देखी है। जिसका खामियाजा रोगियों को उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने की मांग की है।

ग्रामीण बोलेः बड़ागांव अस्पताल में डॉक्टर की नहीं देखी शक्ल, रोगी होते हैं परेशान

खरौली व वीलौनी पंचायत अस्पताल पर निर्भर

ग्रामीणों ने बताया कि बड़ागांव अस्पताल पर खरौली व वीलौनी पंचायत के खरौली, समानपुरा, बड़ागांव, लोकूपुरा, तेजापुरा, चांदपुरा, रैटोटी, सिद्धपुरा, वीलौनी, बथुआखोह, मेढारी गांव के ग्रामीण पूरी तरह निर्भर हैं। वही राष्ट्रीय राजमार्ग 11 बी पर स्थित होने के कारण दुर्घटनाएं भी होती रहती है लेकिन अस्पताल में चिकित्सक के नदारद रहने के कारण रोगियों व पीडितों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है जिसके कारण विभाग की योजनाएं प्रभावित हो रही है।

20 दिन में नौ दिन ड्यूटी पर आया चिकित्सक

बड़ागांव अस्पताल में ग्रामीणों की शिकायत पर भास्कर ने फरवरी माह की तहकीकात की तो ग्रामीणों के आरोप सही होते दिखे। अस्पताल के उपस्थिति रजिस्टर में 20 तारीख तक की उपस्थिति देखने पर चिकित्सक ने अस्पताल में सिर्फ नौ ड्यूटी देने का हवाला दिया हुआ है बाकी दिन ट्यूर दर्शाएं हुए है। जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं मेलनर्स व एएनएम के भरोसे बनी हुई है।

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