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नाव से चंबल से खनन करने पहुंचे बजरी माफिया ग्रामीण भिड़े तो मौके से भागे

झिरी पंचायत स्थित हल्लूपुरा के ग्रामीणों को बजरी माफियाओं ने तीन दिन पहले अल्टीमेटम दिया कि खनन करने आएंगे और आए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 10, 2018, 07:00 AM IST

झिरी पंचायत स्थित हल्लूपुरा के ग्रामीणों को बजरी माफियाओं ने तीन दिन पहले अल्टीमेटम दिया कि खनन करने आएंगे और आए भी। घटना स्थल पर पुलिस पहुंचती उससे पहले ही ग्रामीण भिड़े तो नाव सहित वापस लौटना पड़ गया। घटना गुरुवार की है।

झिरी पंचायत स्थित हल्लूपुरा के ग्रामीणों ने चंबल नदी से बजरी दोहन रोकने का बीड़ा उठाया है, जबकि मध्यप्रदेश के पहारपुरा के बजरी माफिया चंबल नदी से बजरी दोहन करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। गुरुवार को चंबल नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र से एमपी के माफियाओं ने नाव के माध्यम से बजरी दोहन करने का प्रयास किया, लेकिन हल्लूपुरा के ग्रामीणों को सूचना मिलते ही एकजुट होकर बजरी माफियाओं को रंगे हाथ पकड़ने के लिए लाठी डंडों सहित चंबल नदी के तीर में पहुंच गए।

लेकिन बजरी माफिया ग्रामीणों के मंसूबों को देखकर नाव सहित भाग गए। सरपंच प्रतिनिधि संजूसिंह जादौन ने बताया कि गुरुवार दोपहर एमपी के पहारपुरा के बजरी माफिया एक नाव लेकर हल्लूपुरा के तीर में चंबल नदी से बजरी दोहन करने के लिए आए हुए थे। बजरी माफियाओं ने नाव में बजरी भरना शुरू कर दिया, हल्लूपुरा के ग्रामीणों ने नाव में बजरी भरने का विरोध किया तो माफिया बजरी दोहन करने पर अड गए। ग्रामीणों की बात का बजरी माफियाओं पर कोई असर नहीं हुआ। बजरी माफियाओं के हौसले को देखकर ग्रामीणों ने हल्लूपुरा के ग्रामीणों को माफियाओं के बजरी दोहन करने की सूचना दी तो हल्लूपुरा से ग्रामीण एकजुट होकर लाठी डंडों से लैस होकर तीर में पहुंच गए। ग्रामीणों के जत्था को आता देख बजरी माफिया नाव को लेकर भागने लगे। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को भी दे दी। सूचना पर थानाप्रभारी गजानंद चौधरी मय जाब्ता के मौके पर पहुंचे तब तक बजरी माफिया नाव सहित एमपी में भाग गए। थानाप्रभारी ने चंबल नदी से बजरी दोहन रोकने के लिए ग्रामीणों का सहयोग करने का आश्वासन दिया।

झिरी सरपंच प्रतिनिधि की सूचना पर मय जाप्ता के चंबल नदी के तीर में पहुंचे थे, पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही बजरी माफिया नाव सहित भाग गए। ग्रामीणों ने कहा है कि किसी कीमत पर बजरी दोहन नहीं करने दिया जाएगा। पुलिस ग्रामीणों के साथ है। गजानंद चौधरी, एसआई सरमथुरा

सरमथुरा. चंबल नदी पर चौकसी करते ग्रामीण व साथ में पुलिस।

माफियाओं ने नाव से बजरी दोहन करने का तरीका बदला

एमपी के बजरी माफियाओं ने हल्लूपुरा के ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए बजरी दोहन करने के तरीके को ही बदल दिया है। सरपंच प्रतिनिधि संजूसिंह जादौन ने बताया कि पूर्व में एमपी के बजरी माफियाओं द्वारा सीमेंट के कट्टो के माध्यम से बजरी का दोहन किया जाता था लेकिन अब सीमेंट के कट्टो में बजरी दोहन को बंद कर नाव में खुले तौर पर बजरी का दोहन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हल्लूपुरा में एमपी से बजरी माफिया नाव से आकर सीधे बजरी के टापू से लगा देते है जिसे पैर व फावड़ा से ही बजरी के टापू को खिसका देते हैं। इससे पूरी नाव कुछ मिनट में ही भर जाती है।

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