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चंदे के 4 लाख रुपए से 3 किमी लाइन बिछाकर खिन्नौट तक पहुंचाया पानी

उपखंड में धनेरा के बाद खिन्नौट के ग्रामीणों ने जनसहयोग से पानी की समस्या का स्थायी हल निकाला है। ग्रामीणों की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 20, 2018, 07:05 AM IST

उपखंड में धनेरा के बाद खिन्नौट के ग्रामीणों ने जनसहयोग से पानी की समस्या का स्थायी हल निकाला है। ग्रामीणों की प्रेरणा के स्त्रोत आईआरएस अधिकारी डाॅ. सत्यपाल मीणा बने है। इसका असर धनेरा व खिन्नौट गांव में दिखाई देने लग गया है। खिंनौट के युवाओं ने सोच बदलो-गांव बदलो टीम से प्रेरणा लेते हुए खिन्नौट विकास समिति का गठन कर जनसहयोग से गांव के विकास का संकल्प लेते हुए कार्ययोजना के अनुसार सर्वप्रथम पानी की समस्या का हल करने का संकल्प लिया। युवाओं ने गांव के तीन किमी दूर नदी किनारे पानी के लिए बोर कराने का बीड़ा उठाया। इसके लिए युवाओं ने गांव में प्रत्येक घर से चंदा लेते हुए 4 लाख की राशि एकत्रित की। कार्ययोजना के तहत कार्य करना शुरू कर दिया। युवाओं ने बुजुर्ग का सहयोग लेते हुए नदी किनारे चार सौ फीट गहराई में बोर कराने के बाद 3 किमी तक पाइप लाइन बिछाकर गांव में पेयजल टंकी से कनेक्ट कर दिया। गांव के युवाओं की सोच ने गांव की तस्बीर ही बदल दी। इसका उद्धाटन आईआरएस अधिकारी डाॅ. सत्यपाल मीणा व प्रियानंद ने किया गया। उद्धाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ.सत्यपाल मीणा, देवेंद्र दुर्गसी, श्रीराम, देवेंद्र धनेरा, लाखन सिंह, अजय रावत ने खिन्नौट के युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर बनने के लिए हमेशा सोच बदलने की जरूरत है। बिना सोच बदले विकास संभव नही है। इसके लिए दूसरे गांवों के युवाओं को सीख लेने की जरूरत है। ग्रामीणों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

सरमथुरा. टंकी का फीता काटकर शुभारंभ करते अतिथि।

गांव के युवा ही बने इंजीनियर

सरकार कोई योजना बनाने से पहले सर्वे व प्रपोजल बनाने के नाम पर ही लाखो की राशि खर्च कर दी जाती है, जिसके लिए कई इंजीनियर योजना को तैयार करने में अमलीजामा पहनाते है। लेकिन धनेरा व खिन्नौट में योजना को अमलीजामा पहनाने में गांव के युवा ही इंजीनियर बने है वही मिस्त्री। सब लोगों ने ट्यूबवेल से गांव तक पाइप लाइन तक बिछाने में सहयोग किया। साथ ही युवाओं ने मवेशी का ध्यान रखते हुए पानी के लिए चिर का निर्माण कराया है, जिससे मवेशी को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

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