• Hindi News
  • Rajasthan
  • Saramathura
  • 60 फरसे व रायफलों लेकर बजरी खनन करने पहुंचे माफिया तो गांव वाले भिड़े
--Advertisement--

60 फरसे व रायफलों लेकर बजरी खनन करने पहुंचे माफिया तो गांव वाले भिड़े

Saramathura News - रविवार को मध्यप्रदेश के पहारपुरा के बजरी माफियाओं ने चंबल नदी में बजरी का दोहन करने के लिए नाव डाली ही थी कि...

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 07:15 AM IST
60 फरसे व रायफलों लेकर बजरी खनन करने पहुंचे माफिया तो गांव वाले भिड़े
रविवार को मध्यप्रदेश के पहारपुरा के बजरी माफियाओं ने चंबल नदी में बजरी का दोहन करने के लिए नाव डाली ही थी कि हल्लूपुरा के ग्रामीणों ने एकजुट होकर पहारपुरा के बजरी माफियाओं का विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के विरोध को देखकर बजरी माफिया नाव को लेकर भाग गए लेकिन सोमवार को दोपहर 12 बजे चंबल नदी से बजरी दोहन करने का अल्टीमेटम दे गए। हल्लूपुरा के ग्रामीण उदयसिंह, सोनेराम, गंभीरसिंह, सुग्रीव, गंगाराम, औतार, सोनेराम, धर्मसिंह व उदयसिंह ने एकराय होकर विरोध करने का मानस बनाया तथा मध्यप्रदेश के बजरी माफियाओं के अल्टीमेटम को चिनौती मानकर सरपंच प्रतिनिधि संजूसिंह जादौन साथ लेते हुए बजरी माफियाओं का विरोध करने के लिए सुबह से चंबल नदी पर डेरा डाल दिया। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि पहारपुरा के बजरी माफिया अल्टीमेटम के अनुसार दोपहर 12 बजे करीब नाव के साथ 50-60 व्यक्ति बजरी दोहन करने के लिए चंबल नदी के हल्लूपुरा के तीर में पहुंच गए, जो पूरी तरह हथियारों से लैस होकर आए थे लेकिन ग्रामीणों ने निहत्थे होते हुए भी बजरी माफियाओं का विरोध करना शुरू कर दिया। सरपंच प्रतिनिधि ने बात बढ़ती देख पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही बजरी माफिया नाव सहित मध्यप्रदेश सीमा में भाग गए।

सरमथुरा. चंबल नदी के बीहड़ों में सर्चिग करती पुलिस व साथ में ग्रामीण।

ग्रामीण बोले : चाहे कुछ हो जाए नहीं करने देंगे अवैध बजरी खनन

ग्रामीण औतार ने पुलिस को बताया कि पहारपुरा के 50-60 व्यक्ति रायफल, फरसा, लाठी, वल्लम लेकर चंबल नदी पर नाव से बजरी दोहन करने के लिए आए थे, मौके पर सरपंच प्रतिनिधि संजूसिंह जादौन भी मौजूद थे। ग्रामीणों ने एकराय होकर किसी कीमत पर चंबल नदी से बजरी दोहन नहीं करने का हवाला दिया तो बजरी माफिया झगड़ा करने पर उतारू हो गए। ग्रामीणों ने कहा चाहे कुछ हो जाए अवैध खनन नहीं करने देंगे। सरपंच ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया लेकिन पुलिस के पहुंचते ही बजरी माफिया नाव सहित मध्यप्रदेश की सीमा में भाग गए।

तीन साल से कर रहे हैं बजरी दोहन : ग्रामीण

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि मध्यप्रदेश के पहारपुरा व करजौनी के बजरी माफिया नाव के माध्यम से 3 साल से बजरी दोहन कर रहे हैं। चंबल नदी में चार नावों से बजरी दोहन किया जाता रहा है लेकिन फिलहाल पहारपुरा के बजरी माफिया दो नावों से बजरी दोहन करने को अंजाम देने में लगे है जिसे मध्यप्रदेश की सीमा में पहुंचाने के बाद टैक्ट्रर-ट्राॅली में पलटी करने के बाद मध्यप्रदेश के शहरों में बेचा जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बजरी दोहन में मध्यप्रदेश पुलिस लिप्त है जिसे कई बार मध्यप्रदेश सीमा में बजरी माफियाओं के साथ देख गया है।

सरमथुरा. रास्ते पर लगाए अवरोधक।

अवैध खनन रोकने के लिए नदी के रास्ते बंद

उपखंड में बजरी खनन रोकने के लिए एसडीएम मोहम्मद ताहिर व पुलिस उपाधीक्षक अर्जुनसिंह शेखावत पूरी मुस्तैदी के साथ लगे हुए है। पुलिस प्रशासन ने बजरी खनन रोकने के लिए कवायद भी शुरू कर दी है जिसके अंतर्गत झिरी में वन व पुलिस की चौकी स्थापित की है। वहीं हल्का पटवारी तैनात कर बजरी खनन पर निगाह रखी जा रही है। साथ ही चंबल नदी के चारो रास्तों को बंद कर दिया गया है। लेकिन बजरी माफिया पुलिस व प्रशासन के लिए सिरदर्द बने हुए है।


-अर्जुनसिंह शेखावत, डीएसपी सरमथुरा


-मोहम्मद ताहिर, एसडीएम सरमथुरा

X
60 फरसे व रायफलों लेकर बजरी खनन करने पहुंचे माफिया तो गांव वाले भिड़े
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..