• Hindi News
  • Rajasthan
  • Saramathura
  • डॉक्टर ने ट्यूर दिखा 23 हजार उठाए वेंडर बोला : मेरी गाड़ी तो गई ही नहीं
--Advertisement--

डॉक्टर ने ट्यूर दिखा 23 हजार उठाए वेंडर बोला : मेरी गाड़ी तो गई ही नहीं

Saramathura News - प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झिरी पर तैनात चिकत्सक के फर्जी भुगतान उठाने का मामला सामने आया है। चिकित्सक ने पीएचसी...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:10 PM IST
डॉक्टर ने ट्यूर दिखा 23 हजार उठाए वेंडर बोला : मेरी गाड़ी तो गई ही नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झिरी पर तैनात चिकत्सक के फर्जी भुगतान उठाने का मामला सामने आया है। चिकित्सक ने पीएचसी पर कागजों में ही मरम्मत कार्य कराया गया और मिट्टी डलवा दी गई। इसके एवज ने ठेकेदार के नाम से 10 हजार रुपए का फर्जी भुगतान उठा लिया। जबकि संबंधित ठेकेदार अस्पताल परिसर में कभी नजर भी नहीं आया। इसके अलावा चिकित्सक ने कागजों में ही एक गाड़ी किराए पर ली और पांच माह तक क्षेत्र में भ्रमण किया। इसके बाद 23 हजार रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान वाहन स्वामी के खाते में जमा कराया और बाद में जाकर उससे रुपए ले आया। जबकि उस दौरान उक्त गाड़ी कहीं और दौड़ रही थी। इसके साथ ही अस्पताल के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने के नाम पर एक लाख रुपए से अस्पताल के लिए क्या सामान खरीदा गया, इसका कैश बुक में कोई उल्लेख नहीं है। मामला सामने आने के बाद उच्चाधिकारी जांच कर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।

झिरी अस्पताल का भवन किला परिसर में कोटा स्टोन से बना है। अस्पताल में तैनात चिकित्सक सचिन सिंघल ने फर्जी तरीके से कागजों में ही परिसर के बाहर गिट्‌टी डलवाई और झाड़ियां साफ कराई और स्वच्छ भारत अभियान के फंड से ठेकेदार संदीप शर्मा से सांठ-गांठ कर 9900 रुपए का भुगतान उठा लिया। इसका अस्पताल की कैशबुक में भी उल्लेख किया गया है। जबकि अस्पताल में किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं कराया गया। इसके बाद चिकित्सक ने एक और फर्जीवाड़ा किया। चिकित्सा प्रभारी सचिन सिंघल ने क्षेत्र में भ्रमण के लिए कैशबुक में सरमथुरा के एक व्यक्ति की गाड़ी संख्या आरजे-34-यू-0026 किराए पर लेने का उल्लेख है। कैशबुक के मुताबिक अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 के मध्य पांच माह तक गाड़ी का उपयोग किया गया। इसके एवज में कैशबुक में वाहन स्वामी को 23362 रुपए का भुगतान करना दर्शाया है। जानकर हैरानी होगी कि इस अवधि में चिकित्सक कभी भी भ्रमण पर नहीं गए। बाद में 23362 रुपए का भुगतान वाहन स्वामी के खाते में जमा कराया और बाद में चिकित्सक ने उससे रुपए वापस ले लिए। इसके बाद भी चिकित्सक के फर्जीवाड़ा करने का दौर नहीं थमा। चिकित्सक के अस्पताल के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में भी गड़बड़ी जागर हुई है। कैशबुक में एक लाख रुपए की अस्पताल से संबंधी उपकरण आदि करने का उल्लेख है, लेकिन क्या सामग्री खरीदी गई, इसका कोई विवरण नहीं है।

सरमथुरा. झिरी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।

भास्कर संवाददाता | सरमथुरा

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झिरी पर तैनात चिकत्सक के फर्जी भुगतान उठाने का मामला सामने आया है। चिकित्सक ने पीएचसी पर कागजों में ही मरम्मत कार्य कराया गया और मिट्टी डलवा दी गई। इसके एवज ने ठेकेदार के नाम से 10 हजार रुपए का फर्जी भुगतान उठा लिया। जबकि संबंधित ठेकेदार अस्पताल परिसर में कभी नजर भी नहीं आया। इसके अलावा चिकित्सक ने कागजों में ही एक गाड़ी किराए पर ली और पांच माह तक क्षेत्र में भ्रमण किया। इसके बाद 23 हजार रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान वाहन स्वामी के खाते में जमा कराया और बाद में जाकर उससे रुपए ले आया। जबकि उस दौरान उक्त गाड़ी कहीं और दौड़ रही थी। इसके साथ ही अस्पताल के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने के नाम पर एक लाख रुपए से अस्पताल के लिए क्या सामान खरीदा गया, इसका कैश बुक में कोई उल्लेख नहीं है। मामला सामने आने के बाद उच्चाधिकारी जांच कर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।

झिरी अस्पताल का भवन किला परिसर में कोटा स्टोन से बना है। अस्पताल में तैनात चिकित्सक सचिन सिंघल ने फर्जी तरीके से कागजों में ही परिसर के बाहर गिट्‌टी डलवाई और झाड़ियां साफ कराई और स्वच्छ भारत अभियान के फंड से ठेकेदार संदीप शर्मा से सांठ-गांठ कर 9900 रुपए का भुगतान उठा लिया। इसका अस्पताल की कैशबुक में भी उल्लेख किया गया है। जबकि अस्पताल में किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं कराया गया। इसके बाद चिकित्सक ने एक और फर्जीवाड़ा किया। चिकित्सा प्रभारी सचिन सिंघल ने क्षेत्र में भ्रमण के लिए कैशबुक में सरमथुरा के एक व्यक्ति की गाड़ी संख्या आरजे-34-यू-0026 किराए पर लेने का उल्लेख है। कैशबुक के मुताबिक अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 के मध्य पांच माह तक गाड़ी का उपयोग किया गया। इसके एवज में कैशबुक में वाहन स्वामी को 23362 रुपए का भुगतान करना दर्शाया है। जानकर हैरानी होगी कि इस अवधि में चिकित्सक कभी भी भ्रमण पर नहीं गए। बाद में 23362 रुपए का भुगतान वाहन स्वामी के खाते में जमा कराया और बाद में चिकित्सक ने उससे रुपए वापस ले लिए। इसके बाद भी चिकित्सक के फर्जीवाड़ा करने का दौर नहीं थमा। चिकित्सक के अस्पताल के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में भी गड़बड़ी जागर हुई है। कैशबुक में एक लाख रुपए की अस्पताल से संबंधी उपकरण आदि करने का उल्लेख है, लेकिन क्या सामग्री खरीदी गई, इसका कोई विवरण नहीं है।

इस तरह किया फर्जीवाड़ा




वाहन मालिक बोलाः खाते में राशि केवल जमा कराई थी, बाद में उसे डॉक्टर निकलवाकर ले गए

चिकित्सक ने पंचायत में भ्रमण के नाम पर 23362 की राशि का भी गबन किया। भुगतान वाहन मालिक देवीचरन गोयल के नाम से उठाया गया। देवीचरन गोयल ने बताया कि मेरी गाड़ी आरजे-34-यू-0026 अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 के मध्य डॉक्टर ने बुक नहीं कराई थी। डॉक्टर ने उसने केवल खाता नंबर पूछा था, जिसमें 23362 रुपए जमा कराए थे। इन रुपयों को बाद में चिकित्सक आकर ले गए थे। जबकि चिकित्सक ने अस्पताल की कैशबुक में चिकित्सा अधिकारी एमओआईसी ने समय-समय पर कार्यक्षेत्र में विजिट के लिए किराए की गाड़ी का उपयोग किया गया जिसका 5 माह का एकमुश्त भुगतान लाॅगबुक अनुसार किए जाने का उल्लेख है।

निष्पक्ष जांच पर खुल सकते हैं कई राज : सरपंच प्रतिनिधि

सरपंच प्रतिनिधि संजूसिह जादौन ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक ने विभिन्न तरीके से फर्जीवाड़ा करके गबन किया है। उसने अस्पताल में बिना मिट्टी डलवाए भुगतान उठाया। इसके बाद बिना टूर किए ही बड़ी धनराशि का गबन किया। इसके अलावा अस्पताल के लिए आवश्यक सामग्री की खरीद भी की, लेकिन क्या खरीदा इसका उल्लेख नहीं है। कैश बुक में एक लाख के करीब की आवश्यक सामग्री की खरीद की गई है। इन सभी मामलों की जांच कराकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।


-डाॅ. राजेश मित्तल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी


-डाॅ. सचिन सिंघल, एमओआईसी

X
डॉक्टर ने ट्यूर दिखा 23 हजार उठाए वेंडर बोला : मेरी गाड़ी तो गई ही नहीं
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..