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रणथंभौर में बढ़ा बाघों का कुनबा, एक और बाघिन बनी मां, विभाग को मिला वीडियो

रणथंभौर में एक बार फिर बाघों के कुनबे में इजाफा हुआ है। इस बार भी यह खुश खबरी टी-19 की दूसरी बेटी लाइटनिग नाम की बाघिन...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:10 AM IST
रणथंभौर में एक बार फिर बाघों के कुनबे में इजाफा हुआ है। इस बार भी यह खुश खबरी टी-19 की दूसरी बेटी लाइटनिग नाम की बाघिन ने दी है। यह बाघिन पहली बार मां बनी है।

मां से अलग होने एवं बहन के दबाव में रहती है बाहर: शनिवार को जिस बाघिन के दो शावक पर्यटकों को दिखाई देने की बात सामने आई है, यह बाघिन कुछ समय पहले तक रणथंभौर के सबसे शानदार इलाके जो नं. 3 पर अपनी मां टी-19 के साथ रहती थी। टी-19 की दो बेटियां थी। जिनमें एक लाईटनिंग एवं एक एरोहेड के नाम से यहां पहचानी जाती है। ऐसे में दोनों बेटियों के जवान होने के साथ ही तीनों के बीच इलाके को लेकर संघर्ष शुरू हो गया था। इस साम्राज्य की लड़ाई में सबसे आक्रामक तेवर जवान हुई बाघिन एरोहेड के थे। सबसे पहले उसने अपनी मां टी-19 से इस इलाके को छीन कर उसे वहां से भगाया। इसके बाद उसने अपनी बहन एरोहेड पर दबाव बना कर उससे भी इलाका खाली करवा लिया। ऐसे में अब एरोहेड जोन नं. 3 पर रहती है और उसकी बहन को जंगल की सबसे असुरक्षित बाहरी सीमा पर रह कर टाइम पास करना पड़ रहा है।

कुछ दिन पहले इसी बाघिन की बहन एरोहेड सामने लाई थी अपने दो शावक, बाघों के कुनबे में हो रहा है इजाफा, विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खुद नहीं देखे नए शावक

13 मादा के साथ 26 शावक, वन अधिकारियों के मन में शंकाएं भी

अगर लाईटनिंग के बच्चे सही सलामत सामने आते हैं तो अब रणथंभौर में 13 बाघिनों के साथ शावकों की संख्या 24 हो जाएगी, लेकिन इसमें एक असमंजस है। पिछले दिनों दो शावकों के साथ दिखाई दी इसी बाघिन की बहिन एरोहेड के दोनों शावक अब उसके साथ दिखाई नहीं दे रहे हैं। लंबे समय से इन दोनों शावकों के दिखाई नहीं देने एवं बाघिन के इलाका बदल कर दूर दूर जाने के साथ लगातार टी-86 के साथ रहने की गतिविधियों को देखते हुए विभाग में इस बात की सुगबुगाहट है कि कही ऐसा नहीं हो की एरोहेड के शावक किसी अन्य नर बाघ या दूसरे जानवर के हाथ लग कर मौत का शिकार हो गए हों। अगर ऐसा हुआ तो एक बार फिर रणथंभौर में 12 बाघिनों के साथ शावकों की संख्या 24 ही गिनी जाएगी।

दो नरों के बीच रहती है यह बाघिन

इस बाघिन को लेकर वन विभाग भी असमंजस में है। विभाग के अनुसार लाईटनिंग नाम की यह बाघिन नर बाघ टी-95 एवं टी-86 दोनों के इलाके में रहती है। इस बाघिन को कई बार दोनों के साथ अलग अलग देखा गया है। ऐसे में अभी इन शावकों के पिता को लेकर भी असमंजस है। बाघिन जिस इलाके में रहती है वहां पर दोनों ही नर आते जाते हैं। इसमें इस विभाग के लिय यह भी चुनौती रहेगी की आखिर इन शवकों की सुरक्षा के लिए दोनों में से कौनसा नर बाघ ज्यादा जिम्मेदारी निभाएगा।

सवाई माधोपुर. बाघिन लाइटनिंग।

फुटमार्क कर रहे हैं पुष्टि

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुबह वीडियो सामने आने के बाद विभाग की टीम ने आमाघाटी स्थित हीरामन की डूंगरी पर जाकर जब स्थिति देखी तो वहां पर बाघिन लाइटनिंग की पगमार्क के साथ दो छोटे शावकों के पगमार्क भी मिले हैं। उक्त शावकों के पगमार्क के आधार पर विभाग बाघिन के साथ दो शावकों के होने की बात कह रहा है, लेकिन अभी फोटो सामने नहीं आने के कारण आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं कर रहा है।

सूचना के बाद आमा घाटी इलाके में स्टाफ को अलर्ट कर निगरानी बढ़ाई


वीडियो मिला है, हमारे कैमरे में बाघिन के शावक अभी कैद नहीं हुए हैं