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श्रमिक पंजीयन के आवेदन अटके, योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ

किसी श्रमिक का अगर कार्ड बना हुआ है और उसकी अचानक मृत्यु हो जाती है तो उसे 2 लाख और श्रमिक दुर्घटना में मृत्यु हो...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:00 AM IST
किसी श्रमिक का अगर कार्ड बना हुआ है और उसकी अचानक मृत्यु हो जाती है तो उसे 2 लाख और श्रमिक दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता विभाग द्वारा मिलती है। परिवार में श्रमिक और उसके चार सदस्यों का इलाज किसी भी अस्पताल में भर्ती होने पर 3.5 लाख का इलाज मुफ्त होगा। एक श्रमिक के दो बच्चों को कक्षा 6 से लेकर स्नातकोत्तर तक छात्रवृत्ति, एक मजदूर की दो लड़कियों को 18 वर्ष पूर्ण होने पर 55-55 हजार रुपए की सहायता, श्रमिक के प्रथम डिलीवरी व द्वितीय डिलीवरी पर लड़की होने पर 21 हजार और लड़का होने पर 20 हजार की सहायता राशि मिलती है। श्रमिक को 25 सौ रुपए में खेती में काम आने वाले औजार मिलते हैं।

श्रमिक कार्ड से यह मिलता है लाभ

आवेदन सत्यापित करने में बौंली पंचायत समिति सबसे आगे

जिले में सबसे ज्यादा पंचायत समिति बौंली में 1070 में से 79 पेंडिंग हैं आवेदन

विभागीय वेबसाइट के अनुसार सवाई माधोपुर जिले कुल 5139 आवेदन हुए हैं। इनमें 1319 आवेदन पेंडिग है और 1462 आवेदनों को वापस ई-मित्र संचालकों के पास भेज दिया गया है। सवाई माधोपुर जिले में पंचायत समिति बौंली में 1070 में से 79 पेंडिंग, पंचायत समिति खंडार में 1245 में से 138 पेंडिंग, पंचायत समिति चौथ का बरवाडा में 275 आवेदन में से 20 पेंडिंग, पंचायत समिति बामनवास में 1224 में से 674 पेंडिंग, पंचायत समिति गंगापुरसिटी में 963 आवेदन में से 407 पेंडिंग और पंचायत समिति सवाई माधोपुर में 362 में से 75 आवेदन पेंडिंग है। गौरतलब है की जिले में सबसे ज्यादा श्रमिकों के आवेदन पेंडिंग संख्या बामनवास पंचायत समिति में है, जबकि श्रमिकों के आवेदन वेरिफाई करने में बौंली पंचायत समिति सबसे आगे है।

मंडल द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं: जिस श्रमिक की श्रमिक डायरी (कार्ड) बना हुआ हो वह श्रमिक मंडल द्वारा कई योजनाओं का लाभ ले सकता है। जैसे की निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य बीमा योजना, ा व कौशल विकास योजना, निर्माण श्रमिक सुलभ्य आवास योजना, निर्माण श्रमिक जीवन व भविष्य सुरक्षा योजना, शुभशक्ति योजना, सामान्य अथवा दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने पर सहायता योजना, प्रसूति सहायता योजना, 8 सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारियों के लिए सहायता योजना, टूलकिट सहायता योजना सहित कई की योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।

श्रमिकों के परिजनों को उठाना पड़ रहा है नुकसान


इसलिए पेंडिंग चल रहे फॉर्म

आवेदनों को पूर्व में श्रम विभाग ही सत्यापित करता था लेकिन बाद में सत्यापन का कार्य विकास अिधकारी को दे दिया। अब आवेदन सत्यापित के लिए बीडीयो के माेबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आता है। जिससे हर श्रमिक का ओटीपी देखने में समय लगता है।