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बद्रीलाल जाट को याद है सम्पूर्ण श्रीरामचरितमानस एवं श्रीमद्भगवतगीता

संसार में याददाश्त बढ़ाने का दावा करके महंगी दवाएं बेचकर लोग केवल कमाई करते है, जबकि स्मरण शक्ति तो महंगी दवाओं से...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 06:25 AM IST

बद्रीलाल जाट को याद है सम्पूर्ण श्रीरामचरितमानस एवं श्रीमद्भगवतगीता
संसार में याददाश्त बढ़ाने का दावा करके महंगी दवाएं बेचकर लोग केवल कमाई करते है, जबकि स्मरण शक्ति तो महंगी दवाओं से नहीं बढ़कर एकाग्रचितता से बढ़ती है। यह कहना है बहरावंडा खुर्द सर्किल के भूअभिलेख निरीक्षक बद्रीलाल जाट का। बद्रीलाल जाट ऐसे शख्स है, जिन्होंने पांचवी पास होते हुए भी मात्र 19 वर्ष की उम्र में किशोरावस्था के दौरान 1978 में श्रीरामचरित मानस को कंठस्थ को याद कर लिया। स्वामीराम महाराज की प्रेरणा से 1993 में श्रीमद्भगवतगीता भी याद कर ली। बद्रीलाल जाट की याददाश्त इतनी तेज है कि आप श्रीरामचरितमानस के सातों कांड, 27 श्लोक, 87 सोरठों, 228 छंद, 1173 दोहे एवं 9218 चौपाई में किसी का नाम भी पूछ लो, आपका प्रश्न खत्म होने से पहले ही वह आपके प्रश्न का उत्तर दे देते हैं। यही स्थिति श्रीमद्भगवतगीता के मामले में है। श्रीमद्भगवत गीता के 700 श्लोक में से कोई सा भी श्लोक सुन सकते हैं।

सवाई माधोपुर जिले की खंडार तहसील के गोठड़ा गांव में 1 अगस्त 1959 को जन्मे बद्रीलाल जाट ने 1971 में पांचवी पास करके पढ़ाई छोड़ दी। सन 1974-75 में गांव में होने वाली रामलीला में भूमिका निभाने का कार्य करते थे। रामलीला में उनको अतिरिक्त पात्र के रुप में रखा जाता था। यदि कभी कोई पात्र करने वाला व्यक्ति किसी कारण से अनुपस्थित रहता तो वह पाठ बद्रीलाल जाट स्वयं करते थे। सभी पाठ करने की वजह से उनको चौपाईयों एवं दोहे भी याद करने होते थे, ऐसे में बद्रीलाल जाट को आधी से ज्यादा रामचरितमानस याद हो गई और बाकी की रामचरितमानस को भी बद्रीलाल जाट ने याद कर लिया। सन 1986 में दसवीं का फार्म भरकर 1987 में परीक्षा दी और पढ़ाई से दूर हो जाने के बाद भी 59 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद कक्षा 11 पास करके 1990 में पटवारी के पद पर नौकरी लग गए। वर्तमान समय में जून 2014 से भूअभिलेख निरीक्षक के पद पर कार्यरत है।

हो चुके हैं सम्मानित

बद्रीलाल जाट को गीता रामायण प्रचार समिति जयपुर द्वारा 19 फरवरी 1993 स्वर्ण पदक, 1998 के हरिद्वार कुंभ के मेले में पथमेड़ा गोशाला जालौर, 25 नवंबर 2017 को भूप्रेमी संस्था की ओर से रणथंभौर र| कलेक्टर के.सी. वर्मा द्वारा, 22 अप्रैल 2018 को सर्वोपकार समिति श्रीगंगानगर द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

छाण. भूअभिलेख निरीक्षक बद्रीलाल जाट, जिन्हें सम्पूर्ण श्रीरामचरितमानस एवं श्रीमद्भगवतगीता याद है।

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