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रोजगार से दूर होने लगी मनरेगा, सालभर में मात्र दो महीने ही चला कार्य

भास्कर न्यूज| चौथ का बरवाड़ा देश में हर आदमी को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई महात्मा गांधी रोजगार...

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 06:25 AM IST
भास्कर न्यूज| चौथ का बरवाड़ा

देश में हर आदमी को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में अब रोजगार की गारंटी नजर नहीं आ रही है। पिछले कुछ सालों से इस योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने में प्रशासन विफल नजर आ रहा है। हाल ही में गुजरे वित्त वर्ष की बात करें तो साल भर में मात्र दो माह कुछ लोगों को रोजगार मिला। इसके बाद से रोजगार नहीं मिल रहा है। ऐसे में मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर पंचायतों में रोज चक्कर लगा रहे है, लेकिन किसी भी स्थल पर कार्य नहीं चलने से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत हर आदमी को साल में सौ दिन के रोजगार दिए जाने की गारंटी दी गई थी। इसके लिए संसद में अधिनियम भी तैयार कर योजना को पूरे देश के ग्रामीण इलाकों में लागू किया गया था। योजना के शुरुआती सालों में तो रिकॉर्ड संख्या में मजदूरों को रोजगार मिला, लेकिन अब यह योजना रोजगार की गारंटी से दूर होती नजर आ रही है। प्रशासन की अनदेखी से नए कार्यस्थलों पर कार्य नहीं चलवाए जा रहे हैं। ऐसे में अधिकतर लोग बेकार बैठे हुए हैं। चौथ का बरवाड़ा मुख्यालय की बात की जाए तो यहां सत्रह सौ परिवारों के जॉब कार्ड बने हुए हैं, लेकिन कुछ परिवारों को छोड़कर अधिकतर परिवारों को इस साल इस योजना के तहत कार्य नहींं मिला है। अप्रेल 2017 से लेकर मार्च 2018 तक दो माह के दौरान ही कुछ स्थानों पर कार्य हुए हैं तथा इसके बाद कही पर भी मस्टररोल जारी नहीं की गई है। ऐसा नहीं है कि क्षेत्र में योजना के तहत कार्यस्थल की कमी है। इसके तहत कई स्थानों पर सार्वजनिक तलाई व तालाब है जहां पर मिट्टी हटाकर उन्हें गहरा करने व अन्य कार्य किए जा सकते है, लेकिन प्रशासन मस्टररोल जारी नहीं कर रहा है। ऐसे में मजदूर बेकार बैठे हुए हैं। इस साल अब तक किसी को भी सौ दिन का रोजगार नहीं मिला है।

नहीं मिल रहा बजट: इस योजना के तहत सरकारी बजट भी समय पर नहीं मिल पाने से रोजगार व अन्य सुविधा नही मिल पा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार से जारी सूचनाओं के आधार पर सरकार ने इस साल फरवरी में पूरे बजट का साठ प्रतिशत राशि, मार्च में अस्सी प्रतिशत राशि तथा अप्रेल में नब्बे प्रतिशत राशि राज्य सरकारों को उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसे में योजना के तहत कार्य नहीं हो पा रहा है। इसी के साथ कर्मचारियों की कमी भी मुख्य कारण है। चौथ का बरवाड़ा में साढ़े तीन माह से विकास अधिकारी नहीं है, जिससे भी परेशानी बढ़ती जा रही है।

डी.डी. पहाड़िया, रोजगार सहायक: मनरेगा के तहत पिछले सालों की तुलना में काफी कम कार्य हुआ है। इस साल मात्र दो माह ही लोगों को रोजगार गांरटी योजना के तहत कार्य दिया जा सका है। अधिकतर लोगों को इस वित्तीय वर्ष में पूरी मजदूरी नहीं मिली है। रोजगार के लिए कार्यस्थलों के प्रस्ताव भिजवाए जा रहे हैं।

युगांतर शर्मा, कार्यवाहक विकास अधिकारी: योजना के तहत हर मजदूर को रोजगार दिया जाना सुनिश्चित है। इसके तहत जहां भी मजदूरों की डिमांड है, उसे भेजने की जिम्मेदारी ग्राम सचिव, रोजगार सहायक व सरपंचों की है। इस बारे में समय समय पर उन्हें आदेशित किया जाता है। पिछली ग्रामसभा में भी सभी को डिमांड भेजने के लिए कहा गया था।

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक 7 को

सवाई माधोपुर | जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति जिला सवाई माधोपुर की बैठक टोंक-सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया की अध्यक्षता में 7 मई को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी।

मासिक समीक्षा बैठक 9 को

सवाई माधोपुर | बीससूत्री कार्यक्रम द्वितीय स्तरीय समिति जिला सवाई माधोपुर मासिक समीक्षा बैठक कलेक्टर के.सी. वर्मा की अध्यक्षता में 9 मई को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में होगी। यह जानकारी मुख्य आयोजना अधिकारी बाबूलाल बैरवा ने दी है।

गौरव पथ का निर्माण कार्य शुरू

मलारना स्टेशन | ग्राम पंचायत चक बिलोली के कस्बे मलारना स्टेशन पर सवाई माधोपुर विधायक दीया कुमारी के प्रयासों से गौरव पथ का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।

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