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शहर में जुगाड़ वाहनों की बढ़ रही है संख्या, दे रहे हादसे को न्योता

जिले में जुगाड़ वाहनों की परंपरा एक बार फिर से जन्म ले रही है। ये जुगाड़ वाहन सवारिया ढ़ोने के लिए नहीं बल्कि गन्ने का...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:55 AM IST
जिले में जुगाड़ वाहनों की परंपरा एक बार फिर से जन्म ले रही है। ये जुगाड़ वाहन सवारिया ढ़ोने के लिए नहीं बल्कि गन्ने का जूस बेचने के लिए तैयार किए जा रहे हैं। न तो इनका कोइ लाइसेंस होता है और ना ही कागजात। यहीं नहीं इनको रोकने के लिए पुलिस प्रशासन भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। प्रशासन के सामने ये खुलेआम सड़को पर गन्ने का जूस बेचने का काम करते है। जुगाड़ का कोर्ट के आदेशों के तहत संचालन सड़कों पर पूरी तरह से अवैध है, लेकिन जिला मुख्यालय पर ही करीब 100 से ज्यादा जुगाड़ वाहनों पर गन्ने का रस बेचा जा रहा है।

हादसों को देते हैं न्योता: शहर भर में चलने वाले ये जुगाड़ वाहनों में बाकायदा कार के तरह स्टेयरिंग होता है पर ब्रेक नहीं जिससे कई बार इनको चला रहा चालक इनको रोक नहीं पाता है, जिससे दुर्घटना का अंदेशा रहता है। जानकारी के अनुसार गत दिनों इंदिरा कॉलोनी स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने शहर के एक व्यवसायी संजय जैन की खड़ी कार के टक्कर मार दी, गनीमत रही की इसमें कार ही क्षतिग्रस्त हुई थी। इन जुगाड़ वाहनों को नाबालिग चालक तक चलाते हैं, जो की अभी तक ड्राइविंग तक नहीं जानते। एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान चलाकर शहर को स्वच्छ रखने के लिए नए-नए कार्य कर रही है। देश के शहरों एंव नगरों में कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई स्वच्छ भारत रैंकिंग में सवाई माधोपुर पिछड़ा रहा है। शहर का सर्वेक्षण में 358वां स्थान रहा है।

अतिक्रमण हटवाएं

शिवाड़. ग्राम पंचायत ईसरदा के माधोराजपुरा गांव के आम रास्ते से अतिक्रमण हटवाने की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से की है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में पंचायत प्रशासन व तहसील प्रशासन ने आम रास्ते से अतिक्रमण हटाने का कार्य किया था, लेकिन जिस रास्ते से अतिक्रमण हटाना था वह नहीं हटाया गया। इससे अब भी अतिक्रमण रास्ते में बाधक बना हुआ है। अतिक्रमण के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है।