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सरकारी महकमों पर 48 करोड़ रु का बिल बकाया, ध्यान केवल किसानों पर
बिजली निगम इन दिनों किसानों एवं निजी उपभोक्ताओं से भले ही बकाया वसूली के लिए अभियान चलाकर कनेक्शन काटने की कार्रवाई करे, लेकिन जिले में निगम सरकारी विभागों से ही अपनी करोडों की बकाया वसूली नहीं कर पा रहा हैं। बिजली निगम अपनी बकाया वसूली नहीं होने से आर्थिक संकट से जूझ रहा हैं। निगम द्वारा बकाया वसूली के लिए कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाती हैं तो सबसे ज्यादा प्रभाव पेयजल योजनाओं पर पडेगा एवं आने वाली गर्मी में सिंगल फेज मोटरों से पानी की सप्लाई होने में खासी परेशानी हो सकती है।
किस विभाग पर कितना बकाया
बिजली निगम से मिले आंकडों के अनुसार जनवरी 2020 तक जिले में पीएचईडी पर एक करोड साठ लाख, जिसमें सवाई माधोपुर डिवीजन में 64 लाख, खंडार डिवीजन में 58 लाख, गंगापुर डिवीजन पर 36 लाख के करीब बकाया हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायतों पर 17 करोड बकाया हैं। सवाई माधोपुर डिवीजन में 6 करोड, खंडार डिवीजन में लगभग चार करोड, गंगापुर डिवीजन पर 7 करोड के लगभग बकाया राशि हैं। सर्वाधिक बकाया राशि नगर निकाय पर लगभग बीस करोड का बकाया हैं। इसमें से गंगापुर नगर निकाय पर 8 करोड के लगभग एवं सवाई माधोपुर नगरीय निकाय पर 12 करोड की राशि के बिल बकाया हैं। जेवीवीएनएल पर 4 लाख, रेलवे पर 12 लाख 39 हजार, स्कूलों पर 91 लाख 91 हजार, अस्पतालों पर 70 लाख 84 हजार, बीएसएनएल पर 96 लाख, पुलिस पर 29 लाख, वन विभाग पर 4
लाख 34 हजार, प्रशासन पर 74 लाख रुपए के करीब राशि बकाया है।
बकाया वसूली के लिए प्रशासन के सहयोग से किए जा रहे हैं प्रयास
सरकारी कार्यालयों एवं विभागों पर जनवरी 2020 तक लगभग 48 करोड का भुगतान बकाया है। बकाया वसूली के लिए जिला एवं राज्य स्तर से प्रशासन के सहयोग से प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ विकास अधिकारियों एवं जनता जल योजना के बकाया की वसूली भी हुई है। सर्वाधिक नगरीय निकायों पर बकाया है, इसकी वसूली के रयास किए जा रहे हैं। -एस.के. अग्रवाल, अधिशासी अभियंता
सरकारी विभागों से नहीं कर पा रहा वसूली
बिजली निगम फरवरी-मार्च माह में हर साल बकाया वसूली के लिए अभियान चलाता है। ऐसे में निजी बकायादारों से वसूली के लिए कनेक्शन काटने एवं ट्रांसफार्मर उतारे जाने की कार्रवाई की जाती है। दूसरी ओर निगम सरकारी विभागों से 48 करोड के करीब बकाया वसूली नहीं कर पा रहा है। बिजली निगम द्वारा सरकारी विभागों के बकाया के संबंध में प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक बकाया वसूली को लेकर कोई ठोस नजीते नहीं आए है। यहां तक निगम के अधिकारी पूरा भुगतान नहीं होने की स्थिति में पार्शियल पेमेन्ट करने का आग्रह भी संबंधित विभागों के अधिकारियों से कर चुके हैं। क्या बिजली निगम सरकारी विभागों पर भी वसूली के लिए सख्ती करेगा! यह अभी कहने से बचा जा रहा है।
सवाई माधोपुर। बकायादारों के कनेक्शन काटकर ट्रांसफार्मर उतारने की कार्रवाई करती बिजली निगम की टीम। (फाइल फोटो)