रणथंभौर अभयारण्य में अब भी शिकार की टोह में घूम रहे 8 सशस्त्र शिकारी

Sawai Madhopur News - रणथंभौर में चीतल के शिकार के मामले में वन विभाग द्वारा कुल दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इन में से गत...

Feb 15, 2020, 11:25 AM IST
Sawai Madhopur News - rajasthan news 8 armed hunters still roaming in the ranthambore sanctuary

रणथंभौर में चीतल के शिकार के मामले में वन विभाग द्वारा कुल दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इन में से गत दिवस पुलिस एवं वन विभाग पर गांव में घेर कर हमले की घटना के बाद दो शिकारियों ने दो बंदूकों के साथ वन विभाग के समक्ष समर्पण कर दिया था, लेकिन अब भी अकेले इस शिकार के मामले में आठ शिकारी आन रिकार्ड बंदूकों के साथ गायब है। अब ये शिकारी रणथंभौर के भीतर है या गांव में यह तो पता नहीं, लेकिन वन्य जीवों का शिकार करने की हिमाकत करने वाले ये लोग जितने समय हथियारों के साथ आजाद है, उतने समय ही रणथंभौर के लिए परेशानी है। दूसरी तरफ पुलिस एवं वन विभाग की टीम पर हमला करने के मामले में 29 नामजद एवं 400 दूसरे लोगों की गिरफ्तारी नई चुनौती बन गई हैं।

रणथंभौर में शिकार की घटना ने राज्य के मुख्यमंत्री से लेकर फोरेस्ट गार्ड के साथ पुलिस के डीजीपी से लेकर कांस्टेबल तक की पेशानियों पर परेशानियों की लकीर खींच दी है। वन्यजीव प्रेमी एवं इनके संरक्षण के लिए काम करने वाले लोग हैरान है। माना जा रहा था कि रणथंभौर में शिकार की घटना पर अब अंकुश है, लेकिन हालात इसके एकदम उलट निकले। रणथंभौर में चीतल को सबसे सरल जीव माना जाता है। अगर इस छोटे से निरीह जीव का शिकार करने की घटना में दस लोग शामिल हो सकते हैं तो इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि सांभर या भगवान न करे बाघ के शिकार के लिए कितने लोग लिप्त रहते होंगे। इस वारदात के सभी दस आरोपियों का एक ही गांव के निवासी होना बताता है कि इस गांव में और भी शिकारी है और न जाने कितने लोग कितने समय से शिकार कर रहे हैं।

वन विभाग ने गिरफ्तारी के बाद शिकारियों के नाम किए उजागर


आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं


दस लोगों को नामजद किया है


वन विभाग ने गत दिवस दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को सभी दस आरोपियों के नाम उजागर कर दिए। इन में सुनेफ उर्फ काळू पुत्र कदीर (20), आकिब उर्फ मामा पुत्र आबिद (22), रईस पुत्र मुस्तफा (25), सद्दाम (22) पुत्र मोहम्मद हनीफ (पूर्व सरपंच), मतीर पुत्र रिजवान ठेकेदार (22), कालू उर्फ नाजिम पुत्र मुत्तलिम (22), अलफान उर्फ लादेन पुत्र फरियाद (21), तालिम पुत्र वहीद (25), इन्याज पुत्र खल्लो (25), असरार (26) जातियान मुसलमान एवं निवासीयान ग्राम जेतपुर है। इनमें से असरार और सुनेफ ने दो बंदूक के साथ वन विभाग के समक्ष समर्पण कर दिया था, जिनको शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से आरोपियों को दो दिन के रिमाण्ड पर सौंपा है।


सवाई माधोपुर| आखिर किस दिन आजाद होगा रणथंभौर शिकारियों व बंदूकों के साये से।

सभी आरोपी रणथंभौर की सीमा पर मौजूद एक ही गांव के

चीतल के शिकार के मामले में नामजद सभी दस आरोपी एक ही गांव के है। सभी एक ही समुदाय के है और सभी बीस से लेकर 26 साल की उम्र के है। यह अपने आप में रणथम्भौर के लिए गंभीर चिंता की बात है। नई पीढ़ी के इन युवाओं ने साबित कर दिया है कि आज भी उनके मन में वन्यजीवों के प्रति वो भावना नहीं है जिसकी अपेक्षा में कई दशकों से यहां स्थानीय निवासियों को जागृत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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