गार्गी व इंदिरा प्रियदर्शिनी योजना के प्रमाण पत्र 15 दिन पहले मिल गए, पर राशि अभी तक नहीं

Sawai Madhopur News - बालिका शिक्षा को बढावा देने के लिए बालिका शिक्षा फाउंडेशन द्वारा दिए जाने वाले गार्गी, बालिका शिक्षा...

Feb 22, 2020, 07:46 AM IST

बालिका शिक्षा को बढावा देने के लिए बालिका शिक्षा फाउंडेशन द्वारा दिए जाने वाले गार्गी, बालिका शिक्षा प्रोत्साहन एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार का वितरण 7 फरवरी को ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय पर किया जा चुका है। इसके तहत प्रतिभावान बालिकाओं को प्रमाण पत्र तो समारोह के दौरान ही दे दिए गए थे, लेकिन उनको मिलने वाली प्रोत्साहन राशि पंद्रह दिन बाद भी उनके बैंक खातों में हस्तांतरित नहीं की गई है। जिसको लेकर बालिकाएं परेशान हैं। गौरतलब है कि कक्षा 10 एवं प्रवेशिका में 75 प्रतिशत अथवा इससे अधिक अंक अर्जित करने वाली छात्राओं को गार्गी पुरस्कार दिया जाता है। इसके तहत कक्षा 11 व 12 में अध्यनरत रहने पर प्रोत्साहन राशि स्वरूप तीन-तीन हजार रूपये दो बार में दिए जाते हैं। इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा 2018-19 में कक्षा 10 में 75 प्रतिशत अथवा इससे अधिक अंक अर्जित करने वाली छात्राओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे जिनको पुरूस्कार वितरण समारोह के दौरान प्रमाण पत्र तो दे दिए गए लेकिन उनकी प्रोत्साहन राशि के 3000 रूपये उनके बैंक खातों में हस्तांतरित नहीं किए गए हैं। जबकि 2017-18 में कक्षा 10 एवं प्रवेशिका में 75 प्रतिशत अथवा इससे अधिक अंक अर्जित करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं द्वितीय किश्त की राशि का चैक समारोह के दौरान ही दे दिया गया। इसी प्रकार 2018-19 में कक्षा 12 एवं वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 75 प्रतिशत अथवा इससे अधिक अंक अर्जित करने वाली छात्राओं को बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत प्रमाण पत्र तो दे दिए गए लेकिन छात्राओं की प्रोत्साहन राशि पांच हजार रूपये उनके बैंक खातों में अब तक भी हस्तांतरित नहीं की गई है।

इंदिरा प्रियदर्शिनी योजना की प्रोत्साहन राशि को तरसे

इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार कक्षा 8, 10, प्रवेशिका, वरिष्ठ उपाध्याय एवं 12 की बोर्ड परीक्षा में सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्प संख्यक वर्ग, निशक्त वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग एवं बीपीएल वर्ग की छात्राओं को दिया जाता है। कक्षा 12 में यह पुरस्कार कला, विज्ञान एवं वाणिज्य व वरिष्ठ उपाध्याय में दिया जाता है। सामान्य शिक्षा के लिए जिला स्तर पर एवं संस्कृत शिक्षा में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बालिका को यह पुरस्कार दिया जाता है। सरकार द्वारा कक्षा 8 में 40 हजार रूपये, कक्षा 10 एवं प्रवेशिका में 75 हजार रूपये तथा कक्षा 12 एवं वरिष्ठ उपाध्याय में एक एक लाख रूपये के साथ-साथ स्कूटी भी दी जाती है। यद्यपि यह पुरूस्कार पहले इंदिरा गांधी की जयंती 19 नवंबर को दिया जाने वाला था लेकिन नहीं दिया गया। उसके बाद बसंत पंचमी को दिया जाना था लेकिन आचार संहिता के चलते बसंत पंचमी को भी यह पुरूस्कार का वितरण नहीं हुआ है। उसके बाद 7 फरवरी को यह पुरूस्कार जिला स्तर पर आयोजित समारोह में दिया गया। लेकिन समारोह में छात्रा को केवल प्रमाण पत्र ही दिए गए हैं। राशि संबंधित छात्राओं के बैंक खाते में अभी तक भी हस्तांतरित नहीं की गई है। जबकि कक्षा 12 की छात्राओं को स्कूटी का भी अभी तक वितरण नहीं किया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रामखिलाड़ी बैरवा से बात की तो उन्होंने बताया कि उक्त पुरस्कार बालिका शिक्षा फाउंडेशन द्वारा दिए जाते हैं, इसलिए प्रोत्साहन राशि भी फाउंडेशन द्वारा ही संबंधित छात्राओं के बैंक खातों में ही हस्तांतरित की जाएगी। इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरूस्कार के तहत स्कूटी भी बालिका शिक्षा फाउंडेशन से ही प्राप्त होगी।

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