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मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

एक वर्ष पहले
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खंडार| क्षेत्र में बालिका का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सख्त रूख अपनाया है। इस मामले में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय टाईप 4 खंडार के इंचार्ज रमेश जाट व वार्डन संतोष दाधिच की कार्यप्रणाली की जांच होगी। इस संबंध में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी समसा सवाईमाधोपुर रामकेश मीणा ने जांच के आदेश दिए है। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर द्वारा रविवार के अंक में बालिका का वीडियो वायरल होने से वार्डन व इंचार्ज संदेह के घेरे में शीर्षक से विस्तृत समाचार प्रकाशित कर इस पूरे मामले को उजागर किया था। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामकेश मीणा ने बताया कि उन्हें दैनिक भास्कर समाचार पत्र में आज इस घटना की जानकारी मिली है। इस मामले में सवाईमाधोपुर एडीपीसी नाथूलाल खटीक को मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय टाईप 4 के इंचार्ज रमेश जाट व वार्डन संतोष दाधिच के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां कार्यरत वार्डन अधिकतर अपने नजदीकी निजी आवास पर ही व्यस्त रहती है। यदा कदा ही छात्रावास में पहुंचती है। चौकीदार के भरोसे ही पूरा छात्रावास चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वार्डन का अधिकतम कार्यकाल 4 वर्ष का होता है जो पूरा हो गया है इसके बावजूद भी अधिकारियों की मेहरबानी के चलते वार्डन को नहीं हटाया जा रहा है। ग्रामीणों ने वार्डन को तत्काल हटाने एवं इंचार्ज के पद पर महिला इंचार्ज लगाने की मांग की है। साथ ही इस पूरे मामले में इनकी भूमिका की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग भी की है। ग्रामीणों ने बताया कि बालिका आवासीय विद्यालय में एक बालिका 17 दिन से नहीं आ रही थी। ना तो वार्डन ने बालिका की सुध ली और ना ही इंचार्ज ने बालिका के संबंध में कोई जांच पड़ताल की। इतना ही नहीं बालिका व उसके परिजनों से संपर्क कर बालिका को हॉस्टल में लाना भी मुनासिब नहीं समझा।
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