मौसमी बीमारियों के चलते खिरनी पीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या

Sawai Madhopur News - खिरनी|मौसमी बीमारियों के चलते खिरनी पीएचसी पर पिछले एक माह से लगातार मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। वहीं मरीजों का सही...

Sep 15, 2019, 07:53 AM IST
खिरनी|मौसमी बीमारियों के चलते खिरनी पीएचसी पर पिछले एक माह से लगातार मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। वहीं मरीजों का सही समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उन्हे काफी परेशानी हो रही है। पहले अस्पताल की ओपीडी 200 थी, लेकिन अब ओपीडी 300 से 400 के बीच हो गई है। मरीजों का कहना है कि जब कोई मरीज इंजेक्शन लगाने के लिए कहता तो कंपाउंडर मरीजों की भीड़ के कारण बहुत अधिक समय लगाते हैं। अस्पताल में पहुंची शकीला बेगम ने बताया कि वह अपने छह साल के बेटे के इंजेक्शन लगाने के गई थी, लेकिन वहां इंजेक्शन लगाने की जगह उसे एक से दूसरे कंपाउंडर के पास इधर से उधर भेजते रहे। बाद में वह परिजनों को लेकर अस्पताल पहुंची और उसके बाद उसके बेटे के इंजेक्शन लगाया गया। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है।

पीपलदा में बिजली गिरने से पक्षियों की मौत

जस्टाना|निकटवर्ती पीपलदा गांव में शनिवार शाम करीब 6 बजे बरसात के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो पक्षियों की मौत हो गई। ग्रामीण रमेश मीणा, कालूराम मीणा आदि ने बताया गांव के बौंली रोड स्थित मुख्य बस स्टैंड के पास स्थित पीर बाबा के स्थान पर अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। इस दौरान पास में ही मोबाइल पर बात कर रहे कालूराम मीणा के पैरों में बिजली करंट का झटका लगना महसूस हुआ। शक होने पर ग्रामीणों ने मौके जाकर देखा तो वहां विचरण कर रहे 2 कबूतरों की मौत हो गई तथा मौके पर स्थित नीम के पेड़ की छाल उपड़ी हुई मिली। पेड़ पर बिजली गिरने के निशान भी मौजूद थे। गनीमत यह रही कि घटना के समय वहां कोई आदमी मौजूद नहीं होने से जनहानि नहीं हुई।

कीचड़ में से निकलते को मजबूर स्कूली छात्र

सूरवाल|पूसौदा गांव के मुख्य मार्ग पर पानी की निकासी नहीं होने से पानी भरा रहता है, जिससे स्कूली बच्चों सहित अन्य लोगों को परेशानी होती है। रामजीलाल जाट सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पूसौदा से भूरी पहाड़ी एवं पूसौदा से पढाना की ओर जा रहे मार्ग की स्थिति खराब है। सड़क तो नीची रहने से पानी का निकास नहीं हो पा रहा है तथा वहां जमा गंदे पानी व कीचड़ में से निकलने से स्कूली बच्चों व लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र समस्या समाधान की मांग की है।

घायल गोवंशों का इलाज

खिरनी|कस्बे के गोसेवकों ने पांच गांवों में अलग अलग जगहों पर घायल गोवंशों का इलाज किया। गोसेवक शम्भूदयाल सोनी ने बताया कि पिछले चार दिनों में एक घायल गाय का जामडोली में, एक सांड का भाडौती में, एक बछडी का बनास की पुलिया के पास, एक घायल गाय का मलारना चौड में और बडौदिया गांव में एक घायल गाय का मौके पर जाकर इलाज किया गया। साथ ही उनके लिए चारे-पानी की भी व्यवस्था की गई। गोसेवक ने बताया कि जब तक ये पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, तब तक इनका इलाज जारी रहेगा।

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