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रेंजर : बाघ खेत से निकलकर जंगल में गए, सरपंच : बाघ अभी उसी क्षेत्र में, विभाग झूठा

Sawai Madhopur News - मेईकलां की बैरवा बस्ती के पास सरसों के खेतों में घुसे रणथंभौर राष्ट्रीय अभयारण्य के बाघों को लेकर बुधवार को छठे...

Feb 27, 2020, 09:16 AM IST

मेईकलां की बैरवा बस्ती के पास सरसों के खेतों में घुसे रणथंभौर राष्ट्रीय अभयारण्य के बाघों को लेकर बुधवार को छठे दिन बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया।

मामले को लेकर वन विभाग व ग्राम पंचायत आमने सामने हैं। एक ओर वन अफसरों का कहना है कि बाघ आबादी के खेतों से निकलकर अभयारण्य में पहुंच चुका है। वहीं ग्राम पंचायत मेई कलां के सरपंच का कहना है कि बाघ अभी उसी एरिये में विचरण कर रहे हैं, वन विभाग सफेद झूठ बोल रहा हैं। ऐसे कौन झूठा तथा कौन सच्चा है, इसका जांच के बाद ही पता चलेगा।

दो शावकों सहित बाघिन टी-69 भी है मौजूद

मेई कलां सरपंच गिर्राज जाट ने बताया कि रणथंभोर अभयारण्य के बाघ अभी ग्राम पंचायत मेई कलां की बैरवा बस्ती में सरसों के खेतों में ही डेरा जमाए हुए हैं। वर्तमान में क्षेत्र में कुल तीन बाघों की मौजूदगी हैं। जिसमें बाघिन टी 69 व इसके नर व मादा दो शावक शामिल है। बाघ खेत से निकलकर अभयारण्य में निकल चुके हैं यह बात सरासर झूठी है। क्योंकि आज बुधवार सुबह ही मौके पर तैनात वनकर्मियों एवं ग्रामीणों से मेरी बात हुई हैं।
बाघिन टी 69 के आ जाने से इस इलाके में बाघों का खतरा और बढ़ गया हैं और लोग पूरी तरह से भयभीत हैं।

लगातार बाघों की ट्रैकिंग की जा रही है


तीन बाघ अभी सरसों के खेतों में ही छिपे हुए हैं


बाघ से हुआ सरपंच का सामना

सरपंच ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे वह अपनी बाइक से मेई कलां से रवाना होकर खंडार कस्बे में एक शादी समारोह में शामिल होने आ रहे थे। इसी दौरान खंडार सवाईमाधोपुर मार्ग पर मेई कलां बैरवा बस्ती के पास सड़क के बगल में उन्हें अचानक से अभयारण्य का एक बाघ खड़ा दिखाई दिया। इस दौरान मोटरसाइकिल के उजाले से बाघ की आंखें चमक रही थी तथा सरपंच व बाघ के बीच करीब 50 फुट का फासला था। बाघ को देखते ही सरपंच घबरा गए और वह जैसे ही अपनी मोटरसाइकिल को वापस घुमाने लगे तो बाघ सड़क के सहारे एक गेहूं के खेत में कूद गया। तब जाकर उन्होंने
राहत की सांस ली और खंडार की तरफ रवाना हुए।

सवालों के घेरे में वन विभाग

वन विभाग द्वारा पांच दिन पहले मेई कलां में सरसों के खेत में बाघिन टी 69 के दो शावकों की मौजूदगी की बात कही थी। वहीं अब वन विभाग खेत में एक मादा शावक के आने की बात कहते हुए उसके वापस अभयारण्य में जाने की बात कह रहा हैं। वहीं इनकी मां बाघिन टी 69 का पांच दिन से अभयारण्य के गिलाईसागर क्षेत्र में विचरण बता रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि बाघिन टी 69 का नर शावक कहां है। वह न तो इस मादा शावक के साथ है और ना हीं अपनी मां के साथ। वन विभाग द्वारा करीब एक माह पहले बाणपुर क्षेत्र में रामधन गुर्जर पर बाघ के हमले के दौरान भी इसी तरह दो तरह की बातें कही गई थी। रामधन पर हुए हमले को पहले तो बाघ का हमला बताया गया था।

खंडार | बाघिन टी 69 की मादा शावक। जो पिछले 5 दिन से मेई कलां में डेरा जमाए बैठी थी।

खंडार | मौके पर तैनात वन विभाग की टीम।

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