सूर्य का मीन राशि में प्रवेश, सुख-शांति बनेगी

Sawai Madhopur News - नगर संवाददाता | सवाई माधोपुर राहु और केतु के बाद सूर्य भगवान भी अपनी राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। यह भी एक संयोग...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 06:00 AM IST
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नगर संवाददाता | सवाई माधोपुर

राहु और केतु के बाद सूर्य भगवान भी अपनी राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। यह भी एक संयोग है कि राहु और केतु ने जहां अपनी मित्र राशि में प्रवेश किया है। वहीं सूर्य भगवान भी अपनी मित्र राशि में प्रवेश करेंगे।

पं. लालचंद गौत्तम ने बताया कि सूर्य ग्रह अपने पुत्र शनिदेव की राशि कुंभ से निकलकर देव गुरु बृहस्पति की राशि मीन में 15 मार्च को प्रवेश किया है। यहां सूर्य भगवान एक माह के लिए भ्रमण करेंगे। इसके उपरांत वह अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य भगवान का मीन राशि में जाने को मलमास या खरमास कहा जाता है।

इस दौरान विवाह व गृह प्रवेश जैसे सुख मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं तथा 14 से 21 मार्च तक होलिका अष्टक लग गए और सप्ताह भर पहले राहु और केतु ने भी बदली राशि। राहु और केतु ने 18 साल बाद अपनी मित्र राशि में प्रवेश किया है। दोनों ग्रहों के अपनी मित्र राशि में प्रवेश से देश में रोजगार और व्यापार बढ़ेगा।

महंगाई से राहत भी मिलेगी

उन्होंने बताया कि मीन राशि में सूर्य भगवान के रहने से आमजन में सुख-शांति रहेगी तो महंगाई से राहत भी मिलेगी। अनाजों में अस्थाई तेजी की स्थिति रहेगी। ग्रहों के राजा सूर्य भगवान अपनी शत्रु राशि कुंभ से निकलकर मित्र राशि मीन में 15 मार्च को सुबह 5.40 बजे प्रवेश किया। सूर्य भगवान का देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में भ्रमण 14 अप्रैल दोपहर 2 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। इसके बाद यह अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे। इसी बीच 14 मार्च से होलिका अष्टक शुरू हो गए हैं। होलिका अष्टक 21 मार्च को समाप्त होंगे तथा होलिका अष्टक समाप्त होने के बाद भी मलमास लगा होने के कारण विवाह,नवीन गृह निर्माण व नवीन गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। मलमास की समाप्ति 14 अप्रैल को होगी। सूर्य का अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करने के साथ ही विवाह जैसे मांगलिक कार्यों का प्रारंभ हो जाएगा,जो कि देवशयनी एकादशी 12 जुलाई तक रहेगा।

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राहु और केतु के बाद सूर्य भगवान भी अपनी राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। यह भी एक संयोग है कि राहु और केतु ने जहां अपनी मित्र राशि में प्रवेश किया है। वहीं सूर्य भगवान भी अपनी मित्र राशि में प्रवेश करेंगे।

पं. लालचंद गौत्तम ने बताया कि सूर्य ग्रह अपने पुत्र शनिदेव की राशि कुंभ से निकलकर देव गुरु बृहस्पति की राशि मीन में 15 मार्च को प्रवेश किया है। यहां सूर्य भगवान एक माह के लिए भ्रमण करेंगे। इसके उपरांत वह अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य भगवान का मीन राशि में जाने को मलमास या खरमास कहा जाता है।

इस दौरान विवाह व गृह प्रवेश जैसे सुख मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं तथा 14 से 21 मार्च तक होलिका अष्टक लग गए और सप्ताह भर पहले राहु और केतु ने भी बदली राशि। राहु और केतु ने 18 साल बाद अपनी मित्र राशि में प्रवेश किया है। दोनों ग्रहों के अपनी मित्र राशि में प्रवेश से देश में रोजगार और व्यापार बढ़ेगा।

महंगाई से राहत भी मिलेगी

उन्होंने बताया कि मीन राशि में सूर्य भगवान के रहने से आमजन में सुख-शांति रहेगी तो महंगाई से राहत भी मिलेगी। अनाजों में अस्थाई तेजी की स्थिति रहेगी। ग्रहों के राजा सूर्य भगवान अपनी शत्रु राशि कुंभ से निकलकर मित्र राशि मीन में 15 मार्च को सुबह 5.40 बजे प्रवेश किया। सूर्य भगवान का देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में भ्रमण 14 अप्रैल दोपहर 2 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। इसके बाद यह अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे। इसी बीच 14 मार्च से होलिका अष्टक शुरू हो गए हैं। होलिका अष्टक 21 मार्च को समाप्त होंगे तथा होलिका अष्टक समाप्त होने के बाद भी मलमास लगा होने के कारण विवाह,नवीन गृह निर्माण व नवीन गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। मलमास की समाप्ति 14 अप्रैल को होगी। सूर्य का अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करने के साथ ही विवाह जैसे मांगलिक कार्यों का प्रारंभ हो जाएगा,जो कि देवशयनी एकादशी 12 जुलाई तक रहेगा।

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राहु और केतु के बाद सूर्य भगवान भी अपनी राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। यह भी एक संयोग है कि राहु और केतु ने जहां अपनी मित्र राशि में प्रवेश किया है। वहीं सूर्य भगवान भी अपनी मित्र राशि में प्रवेश करेंगे।

पं. लालचंद गौत्तम ने बताया कि सूर्य ग्रह अपने पुत्र शनिदेव की राशि कुंभ से निकलकर देव गुरु बृहस्पति की राशि मीन में 15 मार्च को प्रवेश किया है। यहां सूर्य भगवान एक माह के लिए भ्रमण करेंगे। इसके उपरांत वह अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य भगवान का मीन राशि में जाने को मलमास या खरमास कहा जाता है।

इस दौरान विवाह व गृह प्रवेश जैसे सुख मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं तथा 14 से 21 मार्च तक होलिका अष्टक लग गए और सप्ताह भर पहले राहु और केतु ने भी बदली राशि। राहु और केतु ने 18 साल बाद अपनी मित्र राशि में प्रवेश किया है। दोनों ग्रहों के अपनी मित्र राशि में प्रवेश से देश में रोजगार और व्यापार बढ़ेगा।

महंगाई से राहत भी मिलेगी

उन्होंने बताया कि मीन राशि में सूर्य भगवान के रहने से आमजन में सुख-शांति रहेगी तो महंगाई से राहत भी मिलेगी। अनाजों में अस्थाई तेजी की स्थिति रहेगी। ग्रहों के राजा सूर्य भगवान अपनी शत्रु राशि कुंभ से निकलकर मित्र राशि मीन में 15 मार्च को सुबह 5.40 बजे प्रवेश किया। सूर्य भगवान का देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में भ्रमण 14 अप्रैल दोपहर 2 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। इसके बाद यह अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे। इसी बीच 14 मार्च से होलिका अष्टक शुरू हो गए हैं। होलिका अष्टक 21 मार्च को समाप्त होंगे तथा होलिका अष्टक समाप्त होने के बाद भी मलमास लगा होने के कारण विवाह,नवीन गृह निर्माण व नवीन गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। मलमास की समाप्ति 14 अप्रैल को होगी। सूर्य का अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करने के साथ ही विवाह जैसे मांगलिक कार्यों का प्रारंभ हो जाएगा,जो कि देवशयनी एकादशी 12 जुलाई तक रहेगा।

राशियों पर कैसा प्रभाव

इस संबंध में पं. लालचंद गौत्तम ने बताया कि सूर्य भगवान के राशि परिवर्तन करने से राशियों पर भी प्रभाव पड़ेगा। जिसमें मेष- भ्रमण की अधिकता, वृष - राज सम्मान, मिथुन-प्रतिष्ठा की वृद्धि। कर्क - धर्म में अभिरुचि बढ़ेगी,सिंह -अनैच्छिक स्थान परिवर्तन, कन्या -जीवन साथी पर व्यय बढ़ेगा। तुला-शत्रु पर जय, वृश्चिक- शिक्षा में उन्नति, धनु- गृह कलेश, मकर - स्थान परिवर्तन या प्रवास, कुंभ- व्यय की अधिकता, मीन - राजनीतिक प्रभाव में वृद्धि की स्थिति रहेगी।

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