नाबालिग से दुष्कर्म करने वालों को दस-दस वर्ष का कठोर कारावास

Sawai Madhopur News - विशेष न्यायालय पॉक्सो ने नाबालिग को भगाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के दो अलग-अलग मामलों में आरोपी लक्खी...

Feb 15, 2020, 09:40 AM IST

विशेष न्यायालय पॉक्सो ने नाबालिग को भगाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के दो अलग-अलग मामलों में आरोपी लक्खी हरिजन निवासी फुलवाड़ा वजीरपुर तथा राजेश योगी पुत्र बृजमोहन योगी निवासी मेई कला को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं व अर्थदण्ड की सजा से भी दण्डित किया है।

एक मामले में न्यायालय ने नाबालिग को भगाकर ले जाकर दुष्कर्म करने के आरोपी लक्खी हरिजन को धारा 376(2)(एन) भादस में दस वर्ष का कठोर कारावास वबीस हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 366 भादस में पांच वर्ष का कठोर कारावास व दस हजार रुपए अर्थदण्ड तथा धारा 363 भादस में तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे मामले में आरोपी राजेश योगी निवासी मेई कला को धारा 376 (1) भादस में दस वर्ष का कठोर कारावास व बीस हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 366 आईपीसी के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास व दस हजार रुपए अर्थदण्ड तथा धारा 363 आईपीसी में तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

विशिष्ट लोक अभियोजन जैन ने बताया कि मईकंला निवासी आरोपी राजेश योगी एक ही नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर दो बार भगा कर ले गया और दोनों ही बार आरोपी द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। पहली बार आरोपी नाबालिग को 10 अगस्त 2018 को भगाकर ले गया और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस पर पीड़िता के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ खंडार थाने में मामला दर्ज करवाया, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग को दस्तयाब किया। आरोपी जमानत पर छूटने के बाद एक बार फिर 21 अक्टूबर 2018 को नाबालिग को भगा कर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बार भी पीड़िता के परिजनों द्वारा आरोपी के खिलाफ खंडार थाने में मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इस पर पॉक्सो ने आरोपी राजेश योगी निवासी मेई कला को दस वर्ष का कठोर कारावास व बीस हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 366 आईपीसी के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास व दस हजार अर्थदण्ड तथा तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपए अर्थदण्ड की
सजा सुनाई है।

दूसरा प्रकरण मेईकलां का**

पहला प्रकरण गंगापुर का**

विशिष्ट लोक अभियोजक अनिल कुमार जैन ने बताया कि नाबालिग की मां ने गंगापुरसिटी थाने में मामला दर्ज कराया कि 29 मई 2019 को सुबह दस बजे नाबालिग पुत्री के मोबाइल पर एक फोन आया, जिससे नाबालिग ने बात की।

इसके बाद घर से निकली नाबालिग वापस नहीं आई। पीड़िता मां ने नाबालिग को रिश्तेदारों व सभी जगह पर तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पीड़िता की मोबाइल पर बात होने पर दूसरी तरफ से अपना नाम लक्की बताया गया। दूसरे लड़के ने मोबाइल पर ही अपना नाम अजय बताते हुए नाबालिग उनके पास होने की बात कह कर फोन बंद कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ उक्त धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विशेष न्यायालय पॉक्सो ने आरोपी लक्की उर्फ लखी हरिजन निवासी फुलवाड़ा वजीरपुर को धारा 376(2)(एन) भादस में दस वर्ष का कठोर कारावास वबीस हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 366 भादस में पांच वर्ष का कठोर कारावास व दस हजार रुपए अर्थदण्ड तथा तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

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