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परंपरा: बहरावंडा खुर्द में होली खेली, महिलाओं ने बरसाए डंडे
बहरावंडा खुर्द। कस्बे के खेल मैदान पर झंडा तोड़ते युवक। इस दौरान महिलाओं डंडे भी बरसाए।
बहरावंडा खुर्द| खंडार क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में मंगलवार को धुलेंडी का त्योहार मनाया गया। वहीं कस्बे में विशेष परम्परा के कारण एक दिन बाद बुधवार को धुलेंडी का त्योहार भाईचारे के साथ मनाया गया। बुधवार को विशेष धुलेंडी पर प्रातः काल से ही मंदिरों में भजन कीर्तन करते हुए प्रभात फेरी के रूप में कस्बे के खारा कुआं के प्रांगण में एकत्रित होकर नाळ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नाळ प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले पहलवानों को ग्राम पंचायत की ओर से साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। इसी बीच गांव के कॉलोनी-मोहल्लों में अबीर गुलाल लगाकर एक दूसरे को शुभकामनाएं दी। वही डीजे की धुन में लोग थिरक उठे। महिलाओं ने भी समूह में एक दूसरे के घर घर जाकर शुभकामनाएं दी।
गोविन्द देवजी के मंदिर में घोंटी भांग, मदमस्त होकर फोड़ा ढोल: नाळ प्रतियोगिता के बाद दोपहर को गोविंद देवजी के मंदिर में भांग घोंटी गई। वही युवकों ने भांग में मदमस्त होकर रामकल्याण जी के मंदिर में ढोल फोड़ने का कार्यक्रम किया गया। दोपहर के दौरान मंदिर में ढोल फोड़ने का कार्यक्रम शुरू हुआ। इस दौरान युवक दो दलों में विभक्त हो गए। काफी देर तक दोनों दलों ने ढोल को फोड़ने की मशक्कत की। एक दल ढोल को फोड़ने की कोशिश करता तो दूसरा बचाने की कोशिश करता। अंततः ढोल फोड़कर कार्यक्रम का अंत हुआ।
ढोल की रस्म के बाद 4 बजे से ही कस्बे सहित अन्य गांवों के स्त्री पुरुषों का जमावड़ा कस्बे के न्यू कॉलोनी दशहरा मैदान में होने लगा। वहीं दोपहर के बाद ही ग्राम पंचायत की ओर से इमली के पेड़ की बड़ी टहनी को मैदान में गाड कर कृत्रिम पेड़ लगा दिया गया। युवक भी झंडा तोड़ने के लिए मैदान के समीप बैठकर झंडा तोड़ने के लिए चर्चा करते रहे। दिन ढलने पर शाम के समय भारी संख्या में महिलाएं पुरुष मैदान में एकत्रित हो गए। जैसे ही झंडा का कार्यक्रम शुरू हुआ तो महिलाओं ने पेड़ की टहनी के चारो ओर घेरा बनाकर सुरक्षा के लिए तैनात हो गई। वहीं युवक भी पेड़ पर चढ़ने के लिए कशमकश करने लगे। ऐसा चलता रहा और महिलाओं ने लोगों पर खूब डंडे बरसाए। अंततः महिलाओं का सुरक्षा घेरा टूट गया और युवक पेड़ पर चढ़ गए। महिलाएं उन पर डंडे बरसाती रही, आखिर गुड़ की भेली तोड़ दी और युवक चारों और से पेड़ के चारों ओर हो गए तथा कृत्रिम पेड़ को तोड़ दिया। सांझ के समय झंडा टूट गया। इस दौरान सरपंच कस्तूरी देवी, ग्यारसी लाल महावर, पूर्व सरपंच रमेश गोयल, जीएसएस व्यवस्थापक राधेश्याम चौधरी, विष्णु जोशी, कृष्णावतार चौधरी, महेश मिश्रा, यात्रा विद्याधर चौधरी, सांवरिया सेठ यात्रा समिति संरक्षक संरक्षक गिर्राज जयबाला सहित कई लोग उपस्थित थे।