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ईएसआईसी डिस्पेंसरी में डॉक्टर नहीं, श्रमिकों का प्रदर्शन

कस्बे के कर्मचारी राज्य बीमा डिस्पेंसरी पर विभिन्न कंपनियों से आए बीमार श्रमिकों एवं उनके परिजनों ने चिकित्सकों...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 04:20 AM IST
कस्बे के कर्मचारी राज्य बीमा डिस्पेंसरी पर विभिन्न कंपनियों से आए बीमार श्रमिकों एवं उनके परिजनों ने चिकित्सकों के नदारद रहने व कर्मचारियों द्वारा बदसलूकी के विरोध में शनिवार सुबह विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों एवं उनके परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में चिकित्सक बैठते ही नहीं। सारा काम नर्सिंग कर्मचारियों के हवाले छोड़ रखा है। इससे उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दवा एवं रैफर कार्ड बनवाने के लिए उन्हें कई दिनों तक अस्पताल के चक्कर काटना पड़ता है। ऐसे में बीमित व्यक्ति को ईएसआई का संपूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि नीमराना ईएसआई अस्पताल में करीब 60 हजार बीमित व्यक्ति पंजीबद्ध है। चिकित्सकों के नदारद रहने से मरीज रोज परेशान होते हैं। श्रमिक एवं उनके परिजन विद्यासागर, दयाशंकर, आरएल झा, नितेश छिल्लर, अशोक कुमार, लक्ष्मण पाल आदि ने बताया कि वे सुबह 11 बजे से अस्पताल में बारी का इंतजार करते रहे। कोई भी चिकित्सक डिस्पेंसरी में नहीं पहुंचा। पूछताछ करने पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बदसलूकी की। इस पर परेशान लोगों ने रोष जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।



नीमराना. कस्बा स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी के बाहर प्रदर्शन करते हुए श्रमिक एवं उनके परिजन।

60 हजार श्रमिकों के लिए लगे हैं उधारी के डॉक्टर

ईएसआई सुरक्षा अधिकारी रामानंद के अनुसार नीमराना कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय में शाहजहांपुर, नीमराना, बहरोड़, घीलोठ, सोतानाला, केशवाना कोटपूतली, काठूवास-मांढ़ण आदि औद्योगिक क्षेत्रों के 60 हजार श्रमिक पंजीबद्ध हैं। इसके बावजूद नीमराना ईएसआई अस्पताल में सुविधाएं नहीं हैं। अस्पताल में उधारी के चिकित्सकों से काम चलाना पड़ रहा है। जो कभी आते हैं कभी नहीं आते हैं। यहां पर डॉ संजय मिश्रा एवं डॉ सुमेर सिंह गुर्जर को प्रतिनियुक्ति पर लगाया हुआ है। जो कभी-कभी आते हैं। बाकि नर्सिंग स्टाफ से ही काम चलाया जा रहा है। जबकि ईएसआई के रूप में श्रमिकों के करोड़ों रुपए की कटौती के रूप में जमा किया जाता है। लेकिन उसका लाभ नहीं मिल रहा है।

16 साल बाद भी नहीं बना डिस्पेंसरी भवन

नीमराना ईएसआई डिस्पेंसरी नवंबर 2002 से चालू की गई थी। मार्च 2013 में हीरो मोटर कॉर्प कंपनी के समीप 3000 वर्ग मीटर का प्लॉट ले लिया गया था। लेकिन उस पर अब तक निर्माण नहीं हो पाया है। ऐसे में ईएसआई डिस्पेंसरी को किराए के मकान में ही चलाना पड़ रहा है।अस्पताल में सुविधाएं न के बराबर है।