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जेडीए ने अवैध कॉलोनी में सड़क उखाड़ी, सोसायटी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की

जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की प्रवर्तन विंग ने कार्यवाही करते हुए जोन-14 क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 06:25 AM IST
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की प्रवर्तन विंग ने कार्यवाही करते हुए जोन-14 क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के दायरे में आ रही एक अवैध कॉलोनी की ग्रेवल सड़कों को उखाड़ दिया। यह कॉलोनी 15 बीघा जमीन पर बसी हुई थी तथा ज्यादातर भूखंड बिक चुके हैं। जेडीए की प्रवर्तन विंग ने कॉलोनी बसाने वाले प्रोपर्टी डीलर व हाउसिंग सोसायटी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। प्रवर्तन अधिकारी का कहना है कि हमारा काम कॉलोनी बसाने से रोकने का है। कॉलोनी व सोसायटी की जांच का अधिकार ही नहीं है। जेडीए की प्रवर्तन विंग ने जेडीए की सुखपुरिया योजना टोंक रोड पर सरकारी भूमि (मंदिर के साथ) बने अवैध टीन शेड व दीवार को भी तोड़ कर हटाया। जेडीए की प्रवर्तन विंग पिछले 3 माह से शिवदासपुरा व आसपास के गांवों में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई कर रही है। 45 से ज्यादा कॉलोनियों में तोड़फोड़ कर चुकी है। प्रवर्तन विंग ने मंगलवार को पदमपुरा रोड स्थित रामपुरा खुर्द में (पुरानी) करीब 15 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाने के लिए पुरानी बनाई गई ग्रेवल सड़क को उखाड़ दिया। अब तक हुई कार्रवाई में किसी भी कॉलोनी व सोसायटी का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में जेडीए के जोन व प्रवर्तन विंग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। जेडीए के प्रवर्तन अधिकारी बाबूलाल विश्नोई का कहना है कि अवैध कॉलोनी की ग्रेवल सड़क उखाड़ी है। कॉलोनी की जमीन के खसरा नंबर और सोसाइटी के बारे में जानकारी नहीं लग पाई। प्रवर्तन विंग इस बारे में जांच भी नहीं करती है।

यह है मामला

जेडीए ने 19 मई 2015 को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, एरो मेट्रोपॉलिस बनाने का प्रस्ताव भेज कर क्लीयरेंस मांगी थी। प्राधिकरण ने अगस्त 2015 में ही 150 किमी के दायरे में दूसरे एयरपोर्ट को अनुमति नहीं देने का नियम बता कर प्रस्ताव लौटा दिया। इसके बाद आवेदन नागर विमानन मंत्रालय को परीक्षण व सैद्धांतिक मंजूरी के लिए कहकर भेज दिया। एयरपोर्ट के दायरे में करीब 20 गांवों की जमीन आ रही है तथा जेडीए ने अवाप्ति का प्रस्ताव सरकार को भेज रखा है।