शाहजहांपुर

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नोटबंदी व जीएसटी के बाद भी सरकार का टैक्स 19% बढ़ा

नोटबंदी और जीएसटी जैसे कठोर फैसलों के बाद भी पिछले वित्त वर्ष में सरकार का टैक्स कलेक्शन 19% बढ़ा है। इसमें सबसे...

Dainik Bhaskar

Apr 03, 2018, 06:30 AM IST
नोटबंदी और जीएसटी जैसे कठोर फैसलों के बाद भी पिछले वित्त वर्ष में सरकार का टैक्स कलेक्शन 19% बढ़ा है। इसमें सबसे ज्यादा योगदान वाहनों की बिक्री का रहा। वित्त वर्ष 2017-18 में प्रदेश में वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री हुई जिससे सरकार को 4300 करोड़ रुपए का टैक्स मिला। जबकि 2016-17 में वाहनों की बिक्री से कुल 3450 करोड़ रु. का टैक्स ही मिला था।

टैक्स रेवेन्यू में वाहनों से मिलने वाले कर से सबसे ज्यादा आमदनी हुई। वाहनों की बिक्री बढ़ने की सबसे बड़ी वजह वाहनों में यूरो फोर श्रेणी लागू होना रही। इसके चलते बड़ी संख्या में पिछले साल वाहन खरीदे गए। साथ ही जीएसटी की शुरुआती परेशानी के बाद धीरे-धीरे कारोबार पटरी पर लौटा और जीएसटी से टैक्स ग्रोथ रही।

सरकार को टैक्स और नोन टैक्स से कुल राजस्व 65700 करोड़ रु. का मिला जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष में 53933 करोड़ रु. था। वित्त राजस्व सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में टैक्स ग्रोथ मुख्य वजह जीएसटी के तहत मिलने वाला मुआवजा रहा। इसके अलावा नोन टैक्स रेवेन्यू में भी अच्छा इजाफा हुआ। इसमें स्टांप ड्यूटी 3050 से बढ़कर 3670 करोड़ रु. हो गई। कच्चे तेल से मिलने वाला राजस्व 2330 करोड़ रु. से बढ़कर 2640 करोड़ रु. हो गया। माइनिंग सेक्टर में भी सरकार का टैक्स बढ़ा है। वित्त वर्ष 2016-17 में 4230 करोड़ व 2017-18 में 4500 करोड़ रु. का इजाफा हुआ। सेल्स टैक्स में 34700 करोड़ रु. रहा।

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