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फसल बीमा के लिए राज्य अपनी कंपनियां बना सकेंगे : केंद्र

केंद्र ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के क्रियान्वयन के लिए राज्यों को अपनी बीमा कंपनियां बनाने की...

Danik Bhaskar | Apr 03, 2018, 06:30 AM IST
केंद्र ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के क्रियान्वयन के लिए राज्यों को अपनी बीमा कंपनियां बनाने की अनुमति दे दी है। इसके लिए राज्यों ने ही कई बार आग्रह किया था। इसके अलावा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने 2017 की रिपोर्ट में पुरानी फसल बीमा योजनाओं का 2011-16 के दौरान क्रियान्वयन काफी खराब बताया था। पुरानी फसल बीमा योजनाओं को पीएमएफबीवाई में मिलाया जा चुका है।

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्यों को खुद की बीमा कंपनियों बनाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए उन्हें बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेना होगा।

अभी सार्वजनिक क्षेत्र की पांच और निजी क्षेत्र की 13 बीमा कंपनियां इस योजना का क्रियान्वयन करने के लिए अधिकृत हैं। सरकारी बीमा कंपनियों में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आॅफ इंडिया (एआईसी), यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (यूआईसीसी), नेशनल इंश्योरेंस कंपनी (एनआईसी), ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी (ओआईसी) और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी (एनआईएसी) शामिल हैं।

अप्रैल 2016 में शुरू हुई थी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

अप्रैल 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बुआई से पहले और फसल कटने के बाद तक व्यापक बीमा किया जाता है। इसके तहत सरकार प्राकृतिक आपदा के खिलाफ बीमा उपलब्ध कराती है।

बेहद कम है प्रीमियम

खरीफ फसलों के लिए प्रीमियम की दर 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और बागवानी व व्यावसायिक फसलों के लिए 5% है। प्रीमियम की शेष राशि केंद्र और राज्य बराबर-बराबर वहन करते हैं। मौसम के अंत में पैदावार के नुकसान पर दावे का निपटान किया जाता है।

4.79 करोड़ किसानों का बीमा

2017-18 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के दौरान 4.79 करोड़ किसानों को पीएमएफबीवाई के तहत कवर किया गया है। सरकार अभी दावों का आकलन करने की प्रक्रिया में है।