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डार्विन के बाद अब न्यूटन पर उठे सवाल; केंद्रीय मंत्री

डार्विन के बाद अब न्यूटन पर उठे सवाल; केंद्रीय मंत्री ने कहा- न्यूटन से पहले प्राचीन भारतीय मंत्रों ने बताए थे गति...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 06:30 AM IST
डार्विन के बाद अब न्यूटन पर उठे सवाल; केंद्रीय मंत्री ने कहा- न्यूटन से पहले प्राचीन भारतीय मंत्रों ने बताए थे गति के नियम

एजेंसी | नई दिल्ली

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने एक और वैज्ञानिक पर सवाल उठाए हैं। डार्विन के बाद अब सत्यपाल के निशाने पर महान वैज्ञानिक आइजक न्यूटन हैं। सत्यपाल का कहना है कि- न्यूटन का मशहूर गति का नियम उनके बताने से पहले ही भारत के प्राचीन मंत्रों में बताया जा चुका था। इससे पहले सत्यपाल ने डार्विन के विकासवाद के उस सिद्धांत पर सवाल उठाए थे, जिसमें बताया गया था कि बंदर असल में मनुष्यों के पूर्वज थे। सत्यपाल ने इस सिद्धांत को गलत बताया था, जिस पर काफी विवाद भी हुआ था। उन्होंने कहा था कि- “इंसानों के विकास संबंधी चार्ल्स डार्विन का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से गलत है। इस नियम को पाठ्यक्रम में बदलने की जरूरत है। इंसान जब से पृथ्वी पर देखा गया है, हमेशा इंसान ही रहा है।’ अब केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने शि‍क्षा पर सलाह देने वाले सरकार के उच्चतम केंद्रीय सलाहकार निकाय की एक बैठक में कहा कि- “हमारे यहां ऐसे कई मंत्र हैं, जिनमें न्यूटन द्वारा खोजे जाने से काफी पहले गति के नियमों को संहिताबद्ध किया गया था। इसलिए यह आवश्यक है कि परंपरागत ज्ञान हमारे पाठ्यक्रम में शामिल किए जाएं।’ सत्यपाल सिंह ने ये भी कहा कि- सही शि‍क्षा देने के लिए यह जरूरी है कि हर इमारत को वास्तु के अनुरूप बनवाया जाए। जरूरी नहीं कि हर बार विज्ञान सही हो। कई बार विज्ञान हमारी परंपराओं और मान्यताओं से ठीक विपरीत बात करता है। गौरतलब है कि सत्यपाल सिंह पूर्व आईपीएस हैं और मुंबई के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं।

सत्यपाल ने स्कूलों में प्राचीन विज्ञान की शिक्षा देने पर जोर देते हुए कहा कि- “दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में हत्या से ज्यादा खुदकुशी के मामले सामने आते हैं। इसकी वजह है लोगों का पुरातन या धार्मिक विज्ञान से दूर होना। हमें बच्चों में इस तरह की शिक्षा पर जोर देना चाहिए। हमारे देश का विज्ञान हमेशा से आगे रहा है। देश में वैज्ञानिकों ने जिस तरह से दूध या अन्य संसाधनों की क्रांति लाई है, वो इसका उदाहरण है।’

सत्यपाल ने केंद्रीय सलाहकार निकाय की बैठक में कहा- देश का परंपरागत ज्ञान पाठ्यक्रम में शामिल हो

बैठक में सुझाव- क्लास में बच्चे यस सर की जगह जय हिंद बोलें

सलाहकार निकाय की बैठक में एक और दिलचस्प सुझाव आया। सदस्यों ने कहा कि- स्कूलों में क्लास अटेंडेंस के लिए बच्चे यस सर की बजाय जय हिंद कहें और देश भर के स्कूलों में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज फहराना अनिवार्य किया जाए। संस्कृति राज्य मंत्री महेश शर्मा ने सुझाया कि स्कूलों में संस्कृति आधारित शि‍क्षा पर जोर दिया जाना चाहिए। सदस्यों का कहना था कि इन सुझावों पर अमल से बच्चों में राष्ट्रवाद की भावना मजबूत होगी।