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बिजली कंपनियों में प्रीपेड मीटर खरीद के नाम पर बड़ा घोटाला

बिजली कंपनियां ट्रांसफार्मरों के लिए डीजल खरीद करती हैं। खरीदे जाने वाले डीजल की जांच बेंगलुरू व जयपुर की लैब में...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 06:30 AM IST
बिजली कंपनियां ट्रांसफार्मरों के लिए डीजल खरीद करती हैं। खरीदे जाने वाले डीजल की जांच बेंगलुरू व जयपुर की लैब में होती है। सितंबर 2012 में बिजली कंपनियों ने 1500 किलोलीटर डीजल खरीद की। बेंगलुरू लैब से आई जांच में इसे घटिया बताया गया जबकि जयपुर की लैब ने इसे पास कर दिया। नियमों के मुताबिक दोनों लैब से सेंपल पास होने के बाद ही ट्रांसफार्मर के लिए डीजल सप्लाई की जा सकती है। लेकिन यहां बेंगलुरू से नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी ट्रांसफार्मर्स के लिए डीजल सप्लाई कर दी गई। डीजल खरीद के लिए 5 करोड़ रुपए खर्च किए गए।

जांच में न खंभे मिले न तार, फिर भी दोषी अफसर के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई

जयपुर में बिजली के खंभों की सप्लाई के लिए अक्टूबर 2012 में 300 खंभों की खरीद का ऑर्डर दिया गया। एईएन ने अपनी रिपोर्ट में इन्हें क्वालिटी स्टेंडर्ड के मुताबिक बताया, लेकिन बात में एसई स्तर के अधिकारी ने इस मामले में शिकायत करते हुए कहा कि ये खंभे घटिया क्वालिटी के थे। सरकार ने जांच के लिए कमेटी बुलाई तो मौके पर खंबे ही नहीं मिले। कुछ जगह खंभे मिले, उनमें ना तो सरिए थे और न ही तार। बाद में सप्लाई कंपनी ने भी माना कि खंभे घटिया क्वालिटी के थे। लेकिन सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।