Hindi News »Rajasthan »Shahjanpur» देश में 17% दलित वोट, 150 से अधिक लोकसभा सीटों पर प्रभाव, इसीलिए आंदोलन के साथ खड़ी सभी पार्टियां

देश में 17% दलित वोट, 150 से अधिक लोकसभा सीटों पर प्रभाव, इसीलिए आंदोलन के साथ खड़ी सभी पार्टियां

भास्कर न्यूज| नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/रायपुर/लखनऊ अनुसूचित जाति(एससी), जनजाति (एसटी) अत्याचार निवावरण अधिनियम को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 03, 2018, 06:35 AM IST

देश में 17% दलित वोट, 150 से अधिक लोकसभा सीटों पर प्रभाव, इसीलिए आंदोलन के साथ खड़ी सभी पार्टियां
भास्कर न्यूज| नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/रायपुर/लखनऊ

अनुसूचित जाति(एससी), जनजाति (एसटी) अत्याचार निवावरण अधिनियम को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों का भारत बंद हिंसा में बदल गया। भारत बंद में 15 राज्यों में प्रदर्शन हुए। इस दौरान हिंदी बेल्ट के 10 राज्यों में उपद्रव के दौरान 13 लोगों की जान भी चली गई। वैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आंदोलन को हवा देने के पीछे एससी/एसटी समुदाय को लेकर सियासत है। यही कारण है कि हिंसा के दौरान कांगेस नेता गुलाम नबी आजाद, बसपा प्रमुख मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस की और हिंसा के लिए भाजपा की केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा- दलितों को भारतीय समाज के सबसे निचले पायदान पर रखना आरएसएस-भाजपा के डीएनए में है। जो इस सोच को चुनौती देता है, वे उसे हिंसा से दबा देते हैं। हजारों दलित भाई-बहन सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार से अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। हम उनकाे सलाम करते हैं। उधर, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित

पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात दलित अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) डॉ. बीपी अशोक ने इसी मसले पर अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया है। जानते हैं सुप्रीम कोर्ट फैसले के बैकग्राउंड और सियासत के बारे में...

हिंसा की लाठी....

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने रिव्यू पिटिशन दाखिल की, कहा- मौजूदा प्रावधान दलितों को अत्याचार से बचाते हैं, उन्हें बरकरार रखें

नई दिल्ली|एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने सोमवार को रिव्यू पिटिशन दाखिल कर दी। साथ ही ऑल इंडिया फेडरेशन आॅफ एससी-एसटी ऑर्गेनाइजेशन ने भी एक याचिका दायर कर मुद्दा पांच जजों की संविधान पीठ को सौंपने की मांग की। हालांकि, इस मुद्दे पर जल्द सुनवाई करने से कोर्ट ने इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि सुनवाई नियमित प्रक्रिया के तहत ही होगी।

सरकार ने रिव्यू पिटिशन में कहा कि कोर्ट के आदेश से एससी-एसटी एक्ट के प्रावधान कमजोर होंगे। जब भी एससी-एसटी वर्ग के लोग अधिकारों, छुआछूत, उचित मानदेय या बंधुआ मजदूरी जैसी मुद्दों पर बोलते हैं तो उन्हें धमकाकर दबाया जाता रहा है। आत्मसम्मान या प|ी के सम्मान की रक्षा के प्रयासों में ऊंची जाति के लोग बाधक बनते हैं। यह वर्ग हमेशा पीड़ित रहा है।

सियासत की बड़ी वजह

एससी/एसटी आबादी 20 करोड़, 131 सांसद इसी वर्ग से

तस्वीर उत्तर प्रदेश के मेरठ की है। यहां आंदोलन कर रहे दलित गुट की छात्रों से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों के बीच फंसे छात्र को लाठी-बैल्ट और ईंटो से पीटा गया। पुलिस पर भी पथराव किया गया। ट्रेनें रोकी गईं। इस दौरान एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने 50 से ज्यादा लोगों हिरासत में लिया है।

13 दिन में आंदोलन के साथ आ गए सियासी दल | देश में एससी/एसटी की आबादी 20 करोड़ और लोकसभा में इस वर्ग से 131 सांसद हैं। इस बड़े वर्ग से जुड़े इस मामले से हर दल के हित हैं। इसी वजह से कांग्रेस समेत बड़े विपक्षी दलों ने उसके आंदाेलन को समर्थन दिया। भाजपा के सबसे ज्यादा 67 सांसद इसी वर्ग से हैं।

फैसले के समर्थकों का तर्क

समर्थकों ने कहा- इससे इस एक्ट के दुरुपयोग को कम किया जा सकेगा।

निर्दोष कानूनी पेचीदगी में पड़ने से बचेंगे। उन्हें बचाव के मौके मिलेंगे।

मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक चुनावों में पड़ सकता है असर

एससी/एसटी आंदोलन में हिंसा का असर आगामी कर्नाटक चुनाव में पड़ सकता है। वहां 18% दलित हैं। 60 सीटों पर प्रभाव है। इसके अलावा मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के चुनाव भी इससे प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि इन राज्यों में सबसे ज्यादा हिंसा हुई है।

फैसले के खिलाफ संगठनों की दलील

केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से छूट मिली तो अपराधियों का निकलना आसान होगा।

सरकारी अफसरों के मामले में अपॉइंटिंग अथॉरिटी की मंजूरी से भेदभाव हो सकता है।

एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 11 महीने पहले महाराष्ट्र हाईकाेर्ट में आया था मामला

एससी/एसटी कानून में कहांपुलिस से शिकायत हुई थी

महाराष्ट्र में शिक्षा विभाग के स्टोर कीपर ने राज्य के तकनीकी शिक्षा निदेशक सुभाष काशीनाथ महाजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। स्टोर कीपर ने शिकायत में आरोप लगाया था कि महाजन ने अपने अधीनस्थ उन दो अिधकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी है, जिन्होंने उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में जातिसूचक टिप्पणी की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को फैसले में क्याकहा था

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले के साथ आदेश दिया कि एससी/एसटी एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी न की जाए। इस एक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत मिले। पुलिस को 7 दिन में जांच करनी चाहिए। सरकारी अधिकारी की गिरफ्तारी अपॉइंटिंग अथॉरिटी की मंजूरी के बिना नहीं की जा सकती।

क्योेंफैसले का िवरोध शुरू हुआ, सरकार ने क्या किया ...

इस फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। दलित संगठनों और विपक्ष ने केंद्र से रुख स्पष्ट करने को कहा। सरकार ने कहा कि हम इस मसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे।

जिन 12 राज्यों में हिंसा हुई, वहां एससी/एसटी वर्ग से 80 सांसद

पुलिस से शिकायत होने के बाद

कैसेआगे बढ़ा मामला...

पुलिस ने जब दोनों आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनके वरिष्ठ अधिकारी महाजन से इजाजत मांगी, तो वह नहीं दी गई। इस पर पुलिस ने महाजन पर भी केस दर्ज कर लिया। महाजन का तर्क था कि अगर किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति के खिलाफ ईमानदार टिप्पणी करना अपराध हो जाएगा तो इससे काम करना मुश्किल जो जाएगा।

एफआईअार के बाद हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में केस कबसे

5 मई 2017 को काशीनाथ महाजन ने एफआईआर खारिज कराने हाईकोर्ट पहुंचे। पर हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। एफआईआर खारिज नहीं हुई तो महाजन ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर शीर्ष अदालत ने गत 20 मार्च को उन पर एफआईआर हटाने का आदेश दिया।

अाखिर इस फैसले का विरोध क्यों हो रहा है

दलित संगठनों का तर्क है कि 1989 का एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम कमजोर पड़ जाएगा। इस एक्ट के सेक्शन 18 के तहत ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Shahjahanpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: देश में 17% दलित वोट, 150 से अधिक लोकसभा सीटों पर प्रभाव, इसीलिए आंदोलन के साथ खड़ी सभी पार्टियां
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Shahjanpur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×