--Advertisement--

मई से जून तक कैंप लगाकर शुरू होगी किसानों की कर्जमाफी

कोआपरेटिव बैंकों से लोन लेने वाले किसानों की कर्जमाफी के लिए सहकारिता विभाग मई से जून तक कैंप लगाएगा। कर्ज माफी की...

Dainik Bhaskar

Apr 04, 2018, 06:45 AM IST
कोआपरेटिव बैंकों से लोन लेने वाले किसानों की कर्जमाफी के लिए सहकारिता विभाग मई से जून तक कैंप लगाएगा। कर्ज माफी की घोषणा की फाइल वित्त विभाग ने स्वीकृत कर सहकारिता विभाग को भेज दी है। इसमें दो हैक्टेयर तक के किसानों का 50 हजार रुपए तक कर्ज माफ होगा। इसके बाद खेत का आकार जितना बड़ा होगा, कर्ज माफी की रकम उतनी ही छोटी होती जाएगी।

मसलन किसी किसान का खेत 3 हैक्टेयर का है तो उसका 33 हजार रुपए तक का कर्ज ही माफ होगा। किसी का खेत 5 हैक्टेयर का है तो 20 हजार रुपए तक तथा 10 हैक्टेयर है तो 10 हजार रुपए तक कर्ज माफ किया जा सकेगा।







पश्चिमी राजस्थान के किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि वहां किसानों के पास जोत का आकार तो बड़ा है लेकिन उसमें प्रति हैक्टेयर फसल उत्पादन बहुत कम होता है। 2 हैक्टेयर तक के करीब 20 लाख किसानों का कर्ज माफ होगा और सरकार पर लगभग 8 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। वहीं 2 हैक्टेयर से ज्यादा के करीब 4 से 5 लाख किसानों के कर्ज माफ होंगे। इसके लिए करीब 2 हजार करोड़ खर्चने होंगे।

कर्जमाफी का सबसे ज्यादा फायदा बैंकों को

किसानों के बाद कर्जमाफी का सबसे ज्यादा फायदा बैंकों को होगा। सहकारी बैंकों में करीब 600 करोड़ रुपए का एनपीए चल रहा है। कर्जमाफी की घोषणा के बाद बैंकों को अपना पैसा वापस मिल जाएगा। सहकारिता विभाग मई से कैंप लगाकर किसानों से आवेदन मांगेगा। इसके बाद उनके खाते में कर्जमाफी के चेक जमा करवाए जाएंगे। इससे बैंकों को अगली फसल के लिए शॉर्ट टर्म लोन देने में भी आसानी होगी।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..