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2 लाख किसानों का ऑनलाइन पंजीयन, खरीदा 12 हजार 256 टन चना व सरसों

मिश्रित चने की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए केंद्र को लिखा पत्र : राजस्थान के चने की क्वालिटी को लेकर समर्थन मूल्य पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 04, 2018, 06:45 AM IST

मिश्रित चने की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए केंद्र को लिखा पत्र : राजस्थान के चने की क्वालिटी को लेकर समर्थन मूल्य पर खरीद में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए राज्य ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कुछ रियायत मांगी है। सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव अभय कुमार ने केंद्रीय कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव को पत्र लिख कर मिश्रित चने की खरीद के निर्धारित गुणवत्ता मापदंडों में छूट देने के लिए आग्रह किया है। कुमार ने पत्र में लिखा है कि राज्य के किसानों द्वारा स्वयं के बीज का उपयोग किए जाने के कारण चने की उपज में अन्य किस्म यथा मौसमी, कांटा एवं विशाल का सम्मिश्रण होता है, जबकि यह अन्य मापदंडों में श्रेष्ठ है, लेकिन किसानों द्वारा लाई जा रही चना की उपज में चना की अन्य किस्मों का सम्मिश्रण है।

राजफैड ने अब तक 52 करोड़ 79 लाख रुपए के चना एवं सरसों की उपज खरीदी

जयपुर | राज्य के सभी संभागों में समर्थन मूल्य पर 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई सरसों एवं चना खरीद के लिए 2 लाख 30 हजार से अधिक किसानों ने अपना पंजीयन करवाया है। अब तक राजफैड के द्वारा 52 करोड़ 79 लाख रुपए मूल्य के चना एवं सरसों की 12 हजार 256 टन उपज किसानों से खरीदी जा चुकी है। सहकारिता के प्रमुख सचिव अभय कुमार ने बताया कि सरसों के 208, चना के 166 एवं गेहूं के 95 केन्द्र राजफैड ने खोले हैं। कोटा संभाग में 15 मार्च से सरसों, चना एवं गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है। श्रीगंगानगर जिले में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू की गई थी। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद भी प्रारंभ हो चुकी है। कुल 4 लाख मैट्रिक टन चना एवं 8 लाख मैट्रिक टन सरसों की खरीद की जायेगी। सरसों के लिए 4 हजार रुपए, चना के लिए 4 हजार 400 रुपए एवं गेहूं के लिए 1735 रुपए मय बोनस समर्थन मूल्य निर्धारित है।

ब्याज मुक्त ऋण में बटेंगे 16 हजार करोड़ रुपए

प्रदेश के किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण के लिए 2018-19 के लक्ष्य अभी से तय कर दिए गए हैं। खरीफ की सीजन से काफी पहले सरकार ने तय किया है कि इस साल किसानों को 16 हजार करोड़ रुपए मुक्त फसली ऋण देंगे। बजट सत्र में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 5 साल का ब्याज मुक्त फसली ऋण का आंकड़ा 80 हजार करोड़ रुपए पार करने की घोषणा की थी। इसकी पालना में सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक ने मंगलवार को अब तक बांटे गए 64 हजार करोड़ रुपए के फसली ऋण के आगे नए साल के 16 हजार करोड़ रुपए का और फसली ऋण बांटने का ऐलान किया। इस साल भी कुल 25 लाख किसानों को खरीफ और रबी के सीजन में फसली ऋण देकर लाभान्वित किया जाएगा।

राजफैड ने शुरू किया गेहूं का ऑनलाइन पंजीयन

राजफैड द्वारा गेहूं का उत्पादन करने वाले किसानों की उपज को खरीदने के लिये ईमित्र केन्द्र या सहकारी खरीद केन्द्र के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा प्रारंभ की गई है। अब राजफैड द्वारा स्थापित केन्द्रों के माध्यम से किसान अपनी गेहूं की उपज को बेचने के लिये भामाशाह कार्ड एवं गिरदावरी के आधार पर पंजीयन करवा सकता है।

शिकायत और समस्या का समाधान टोलफ्री : यदि किसी किसान को समर्थन मूल्य पर सरसों, गेहूं एवं चना के बेचान के संबंध में समस्या समाधान के लिये जिला स्तर पर कार्यालय जिला उप रजिस्ट्रार में समस्या निवारण केन्द्र बनाए गए हैं। राज्य स्तर पर समस्या समाधान के लिए कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। समस्या का समाधान नहीं होने पर किसान टोलफ्री नंबर 18001806001 पर फोन कर उसका निवारण प्राप्त कर सकता है।

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