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डायबिटीज में दी जाने वाली दवाइयां अब शुगर ही कंट्रोल नहीं करेगी। बल्कि ये दवाइयां दिल की बीमारियां, हार्ट फेलियर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 07:00 AM IST

डायबिटीज में दी जाने वाली दवाइयां अब शुगर ही कंट्रोल नहीं करेगी। बल्कि ये दवाइयां दिल की बीमारियां, हार्ट फेलियर से बचाने के साथ-साथ किडनी को भी डैमेज होने से बचाएगी। डायबिटीज ड्रग्स पर हुई दुनिया की पहली सबसे बड़ी स्टडी एम्पारेग की ओर से किए गए क्लिनिकल ट्रायल में यह साबित हुआ है। स्टडी में यह पाया गया कि इन मेडिसिन में एसजीएलटी 2 यानी सोडियम ग्लुकोज कॉ-ट्रांसपोटर्स इनहिबिटर्स मौजूद हैं, जो किडनी के जरिए शरीर की शुगर को यूरिन सेे बाहर निकालती है। जबकि अभी तक अन्य दवाइयां पेनक्रियाज की बीटा सैल्स के जरिए या इंसुलिन रजिस्टेंस को कम करने की वजह से शुगर कंट्रोल करती थी। इस स्टडी में एम्फा गिल्फलोजिन मेडिसिन का इस्तेमाल किया गया है।

क्लिनिकल स्टडी में पाया गया कि एंटी डायबिटिक ड्रग से दिल की बीमारियां 38 परसेंट तक कम हुई हैं। दिल की बीमारियों से होने वाली डेथ में 14 परसेंट की कमी आई है। वहीं, एक्युट कॉरनरी हार्ट डिजीज और हार्ट फेलियर से 32 परसेंट तक डेथ रेट घटी है। इसके अलावा हार्ट फेलियर की वजह से हॉस्पिटलाइजेशन 35 परसेंट तक कम होगा।

शुगर कंट्रोल कर हार्ट फेलियर से बचाएगी डायबिटीज की दवा

मेडिसिन के फायदे

1. पहली बार स्टडी में पाया गया कि यह दवाई हार्ट के लिए भी फायदेमंद है। शुगर कंट्रोल करते हुए हार्ट डिजीज का खतरा घटा रही है। पेशेंट्स

का वजन भी घटाने में भी मददगार है।

इसलिए टाइप 2 डायबिटीज के लिए

ज्यादा फायदेमंद हो सकती हैं।

38%

तक कम हुई हैं दिल की बीमारियां

एंटी डायबिटिक ड्रग से -

2. एक अन्य स्टडी सीवीडी रियल में पाया गया कि डापा ग्लिफलॉजिन मेडिसिन कार्डियोवस्कुलर हार्ट डिजीज और हार्ट फेल्योर से ही नहीं किडनी को डेमेज

होने से बचाएगी। यह

स्टडी स्वीडन के

पेशेंट्स पर की

गई है।

3. ब्लड प्रेशर घटाते हुए गुड कोलोस्ट्रॉल एचडीएल को बढ़ाएगी। ट्राई ग्लिसराइड को कम करने में मदद करेगी। यूरिए एसिड घटाएगी, वहीं हार्ट की नलियों की स्टीफनैस को कम करेगी। वहीं, पेट पर जमा चर्बी यानी फैट को घटाते हुए वजन घटाएगी। यूरिए एसिड और प्रोटीन की मात्रा कम करते हुए किडनी को डैमेज हाेने से बचाती है। जबकि अभी तक यही मालूम था, ये दवाइयां लेने से ओबीज डायबिटीज पेशेंट्स का सिर्फ वजन ही कम होता है।

14%

लोगों की डैथ में कमी आई है

साइड इफेक्ट्स

यूरिन से शुगर निकलेगी। इससे यूरिन जाने की फ्रेक्वेंसी बढ़ेगी। यूरिन की जगह पर फंगल इंफेक्शन हो सकता है।

-डॉ. अरविंद गुप्ता, एंड्रोक्रोनोलॉजिस्ट, जयपुर

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