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नी-रिप्लेसमेंट के बाद आलती-पालती बनाकर बैठने से घटेगी जॉइंट‌्स की उम्र

हैल्थ रिपोर्टर जयपुर नी-रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) सर्जरी के बाद अक्सर लोगों में ये भ्रम बना...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 07:00 AM IST

हैल्थ रिपोर्टर जयपुर

नी-रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) सर्जरी के बाद अक्सर लोगों में ये भ्रम बना रहता है कि वे आलती-पालती मारकर बैठ पाएंगे या नहीं या पैरों को मोड़ नहीं पाएंगे। जबकि यह समस्या जॉइंट्स (जोड़ों) पर नहीं, बल्कि सर्जरी से पहले घुटना मोड़ते वक्त कितनी रेंज आ रही है और घुटना कितना मुड़ पा रहा है, इस बात पर ज्यादा निर्भर करती है।

लोगों का ये भी मानना है कि हाई फ्लेक्स जॉइंट्स ज्यादा मुड़ने वाला घुटना है, जबकि ऐसा नहीं है। हर केस में ऐसा नहीं होता कि यह जॉइंट्स लगाने के बाद आलती-पालती मारकर बैठ पाएंगे क्योंकि हाई फ्लेक्स का डिजाइन अमेरिका में बनता है और वहां जमीन पर बैठने और आलती-पालती मारकर बैठने का चलन नहीं है।

इसलिए इंडियंस में ये जॉइंट्स लगाने पर इस तरह से बैठ पाना संभव नहीं है। जॉइंट्स की क्षमता बढ़ाने के लिए जमीन पर या फिर आलती-पालती मारकर रेगुलर नहीं बैठें। एेसे बैठने से जॉइंट्स की उम्र कम हो सकती है। पेशेंट का घुटना 60-70 डिग्री तक मुड़ता है और अधिकतम 100 डिग्री तक मोड़ा जा सकता है।

अक्सर लोग दांतों में खून आने और दूसरी तरह के इन्फेक्शन पर ध्यान नहीं देते, जबकि दांतों और यूरिन का इंफेक्शन ब्लड के जरिए घुटने तक पहुंच सकता है

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किमी वॉक करें

घुटने मोड़ने के लिए कितनी रेंज चाहिए

सर्जरी के दो महीने बाद तीन किलोमीटर तक वॉक करें। सर्जरी के एक से डेढ़ महीने बाद तक एक किलोमीटर वॉक करनी चाहिए। दो से ढाई महीने बाद दो किलोमीटर चलें। बाकी समय तीन महीने होने तक रोजाना वॉक करें।

1350-1400 आलती-पालती

1000 चेयर

700 सीढि़़यां चढ़ना

400 नॉर्मल वॉकिंग

नी-रिप्लेसमेंट से पहले इन्फेक्शन को खत्म करें

अक्सर लोग दांतों में खून आने और दूसरी तरह के इन्फेक्शन पर ध्यान नहीं देते, जबकि दांतों और यूरिन का इंफेक्शन ब्लड के जरिए घुटने तक पहुंच सकता है। इसलिए नी-रिप्लसेमेंट करवाने से पहले एंटीबॉयोटिक्स जरूर लें। इंफेक्शन को पूरी तरह खत्म करें।

सर्जरी के बाद क्यों महसूस होती है जकड़न

घुटने बदलने की सर्जरी के बाद उन लोगों को जकड़न या दर्द महसूस होता है, जो एक्सरसाइज से पहले वार्मअप नहीं करते। सर्जरी के बाद सिर्फ घुटना बदलता है मसल्स नहीं। मसल्स की स्ट्रेंथ वही रहती है जो सर्जरी से पहले थी। इसलिए खड़े होने से पहले टखने को ऊपर-नीचे करें। इससे मसल्स में पावर आएगी। एक साल तक एक्सरसाइज करने से जकड़न पूरी तरह से िनकल जाएगी। जिनका वजन ज्यादा है, उन्हें चलने में परेशानी होती है।

एक्सरसाइज प्लान

शुरू में एक्सरसाइज ज्यादा करनी चाहिए। रिप्लेसमेंट के बाद दिन में चार बार आधे-आधे घंटे एक्सरसाइज करें।

दूसरे महीने : दिनभर में चार बार 15-15 मिनट की एक्सरसाइज करें।

तीसरे महीने : 20-25 मिनट रोजाना रेगुलर एक्सरसाइज करनी चाहिए। साइकिल भी चला सकते हैं।

गोल्फ और डबल्स बैडमिंटन भी खेल सकते हैं। हॉकी, किक्रेट और फुटबॉल नहीं खेलना चाहिए।

वजन नहीं बढ़ने दें : डाइट से जुड़ी बुरी आदतों मंे बदलाव लाएं। वजन कंट्रोल करें। सूर्यास्त के बाद कुछ नहीं खाएं। पानी के अलावा कुछ नहीं पिएं। इससे आधे दिन की फास्टिंग हो जाएगी।

-डॉ. नीरज अग्रवाल, ऑर्थोपैडिक्स सर्जन, जयपुर

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