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कुम्हेर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष हत्याकांड में पुलिस ने दो को बचाया, कोर्ट ने उनको फिर आरोपी बनाया

भरतपुर | कुम्हेर के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व सरपंच दानसिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 07:00 AM IST

भरतपुर | कुम्हेर के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व सरपंच दानसिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने जांच के बाद छह आरोपियों को बचाने के लिए केस से ही नाम निकाल दिए। लेकिन पीड़ित पक्ष की अपील पर कोर्ट ने छह में से दो आरोपियों को हत्या के आरोप में सम्मन से तलब कर अगली तारीख पर पेश होने के आदेश दिए। परिवादी के अधिवक्ता जमुनाप्रसाद शर्मा ने बताया कि 11 सितंबर 2017 को दानसिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें म़ृतक दानसिंह के पुत्र गजेंद्र सिंह ने दर्ज मुकदमे में अनकेसिंह, विजयपाल सिंह, डूंगर, गुड्डी, ओमवती, कविता, विशना, बच्चू, वीरीसिंह, रविंद्र सिंह पर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच के बाद इसमें प्रहलाद सिंह, ओमवती, गुड्डी, रविंद्रसिंह, प्रहलाद व शूटर शाकिर मेव के खिलाफ चालान पेश करते हुए डूंगरसिंह, विजयपाल, विशना पुत्री रतनसिंह, कविता, बच्चू पुत्र भोगीराम, वीरीसिंह प्रधान ऊंटवारा का नाम केस से निकाल दिया था। ऐसे में परिवादी ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि आरोप पत्र में विजयपाल, विशना, कविता, डूंगर, बच्चू, जीतू व वीरीसिंह के खिलाफ भी मामला बनता है। क्योंकि परिवादी व अन्य गवाहों ने भी घटना के दौरान उनकी उपस्थिति को प्रमाणित किया है। इस पर न्यायालय एसीजेएम संख्या दो राजेंद्र सिंह ने अभियुक्त विजयपाल सिंह व डूंगरसिंह को जरिए सम्मन तलब करते हुए अगली तारीख 12 फरवरी को पेश होने के आदेश दिए हैं। साथ ही शेष आरोपियों की जेसी की अवधि आगामी तारीख तक बढ़ाई गई।

जिन पर हथियार बताए पुलिस ने उन्हें निर्दोष माना

मृतक के पुत्र गजेंद्र सिंह ने दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि उसके पिताजी जब गाड़ी से उतरकर घर जाने लगे तो अन्य आरोपियों के साथ विजयपाल व डूंगरसिंह पर कट्टा व पौना थे। विजयपाल ने भी फायर किया था। जबकि दोनों ही कुम्हेर से पीछे चल रहे थे। जबकि पुलिस ने जांच के परिणाम में कहा है कि गोपनीय सूत्रों से इस बात की पुष्टि होती है कि डूंगरसिंह घटना के समय गांव में था पर घटना में शामिल नहीं था। जबकि डूंगरसिंह की कॉल डिटेल निकलवाने का कोई सबूत नहीं लगाया गया है। विजयपाल सिंह के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल प्राप्त करने का सबूत आया है। पुलिस ने बताया है कि घटना के समय वह वहां मौजूद नहीं था। लेकिन अन्य साक्ष्यों में दोनों की उपस्थिति प्रमाणित हो चुकी है। इसलिए पुलिस ने साक्ष्य के विपरीत जाकर दोनों को आरोप पत्र में शामिल नहीं किया है।

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