Hindi News »Rajasthan »Shahjanpur» प्रदेश में सूखे का डर नहीं, मानसून में 100% बारिश का अनुमान

प्रदेश में सूखे का डर नहीं, मानसून में 100% बारिश का अनुमान

मौसम के लिहाज से कृषि और उद्योग जगत के लिए अच्छी खबर है। देश में इस साल सूखा पड़ने के बिल्कुल भी आसार नहीं हैं। बल्कि...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 05, 2018, 07:00 AM IST

मौसम के लिहाज से कृषि और उद्योग जगत के लिए अच्छी खबर है। देश में इस साल सूखा पड़ने के बिल्कुल भी आसार नहीं हैं। बल्कि जून से सितंबर के बीच मानसून के चार महीनों के दौरान 887 एमएम तक बारिश होने की संभावना है। मौसम का पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने बुधवार को जारी मानसून के पूर्वानुमान में यह दावा किया है। इसके अनुसार इस मानसून के दौरान देश में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के मुकाबले सौ फीसदी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, यह पांच फीसदी कम या ज्यादा रह सकती है। एलपीए 887 एमएम है। सामान्य बारिश होने से कृषि और उद्योग जगत को फायदा होगा, जिसका सीधा असर जीडीपी पर पड़ेगा। स्काईमेट के पूर्वानुमानों में 20% संभावना तो बारिश सामान्य से भी ज्यादा होने की है।

55%संभावना है कि बारिश सामान्य होगी

05% संभावना अत्यधिक यानी एलपीए से 110% से अधिक बारिश की है।

20% संभावना सामान्य से अधिक यानी एलपीए से 105% से 110% तक बारिश की।

55% संभावना सामान्य यानी एलपीए से 96% से 104% अधिक बारिश की।

20% संभावना सामान्य से कम यानी एलपीए से 90% से 95% बारिश की।

सूखा यानी एलपीए से 90% कम बारिश की संभावना बिल्कुल नहीं।

जून में सबसे ज्यादा बारिश होगी; अगस्त में सबसे कम, वह भी सामान्य ही रहेगी

जून और सितंबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है। जुलाई और अगस्त में बारिश कुछ कम रह सकती है, लेकिन वह भी सामान्य के आसपास ही होगी। जून में एलपीए की 111%, जुलाई में 97%, अगस्त में 96% और सितंबर में 101% बारिश होने का अनुमान है।

मानसून पर किसी नकारात्मक असर की आशंका नहीं

स्काईमेट के अनुसार ला नीना का कमजोर होना आैर प्रशांत महासागर का गर्म होना सामान्य से अधिक बारिश की संभावना को खारिज करते हैं। इसके अलावा नीनो इंडेक्स और तटस्थ इंडियन अोशन डायपोल (आईओडी) के भी मानसून पर किसी नकारात्मक असर की आशंका नहीं है।

मानसून से पहले तेज गर्मी के आसार

भारत में प्री मानसून में तेज गर्मी को मानसून में बेहतर बारिश के संकेत के तौर पर समझा जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार इस बार भारत में प्री मानसून में कम वर्षा की संभावना है, जिससे मानसून तक तेज गर्मी रहने के संकेत मिलते हैं।

उत्तर भारत में सामान्य से ज्यादा या भारी बारिश की संभावना

वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, शिमला, मनाली, देहरादून, श्रीनगर सहित पूर्वी उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू और कश्‍मीर के इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश की उम्मीद है। यहां भारी बारिश की भी संभावना है। वहीं, दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़, आगरा, जयपुर और जोधपुर के इलाकों में सामान्य बारिश की ही उम्मीद है।

देश के किस हिस्से में कैसी रहेगी बारिश

मध्य भारत में भी हो सकती है भारी बारिश

मध्य भारत में मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, इंदौर, जबलपुर, रायपुर और आस-पास के इलाकों में भारी बारिश की उम्मीद है। वहीं, अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट और सूरत जैसे शहरों में सामान्य बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में इस बार कम रहेगी बारिश

चेन्नई, बेंगलुरू, तिरुवनंतपुरम, कन्नूर, कोझिकोड, हैदराबाद, कर्नाटक के तटीय इलाकों में विजयवाड़ा, विशाखापट्‌टनम में मानसून सामान्य या सामान्य से कुछ कम रह सकता है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Shahjanpur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×