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कोर्ट में पेशी पर नहीं आए पूर्व थानाधिकारी व मौजूदा ट्रैफिक डीएसपी भंवर सिंह

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में हाथीपोल के पूर्व थानाधिकारी व मौजूदा ट्रैफिक डीएसपी भंवर सिंह हाड़ा पेशी पर नहीं...

Danik Bhaskar | Apr 05, 2018, 07:00 AM IST
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में हाथीपोल के पूर्व थानाधिकारी व मौजूदा ट्रैफिक डीएसपी भंवर सिंह हाड़ा पेशी पर नहीं आए। मुंबई कोर्ट में बुधवार को उनके बयान होने थे, लेकिन सरकारी वकील से अर्जी लगवाई कि घर में शादी समारोह है, इसलिए नहीं आ सके। भास्कर ने पूछताछ की ताे सामने आया कि हाड़ा ने उदयपुर एसपी ऑफिस से पेशी पर जाने की परमिशन तो ली थी, जिसके आधार पर वह बुधवार दोपहर बाद तक यातायात कार्यालय नहीं पहुंचे। डीएसपी हाड़ा ने सरकारी वकील बीपी राजू को मैसेज और फोन के जरिए सूचना दी कि उनके घर में शादी समारोह है और वह नहीं आ सकेंगे। अर्जी पर कोर्ट ने उनकी अगली तारीख 4 जून दी हैै। हालांकि हाड़ा ने उदयपुर एसपी ऑफिस से घर में शादी समारोह के लिए छुट्टी नहीं ली है। वह मंगलवार को एसपी ऑफिस पहुंचे थे और पेशी पर जाने की अनुमति ली थी। एसपी ऑफिस के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाड़ा उदयपुर से तो पेशी पर जाने की परमिशन लेकर गए हैं, अब कहां हैं, इसकी जानकारी नहीं है। इस संबंध में डीएसपी हाड़ा ने फोन शाम चार बजे फोन पर बताया कि वह पेशी पर जा रहे थे, लेकिन तबीयत नरम हो गई, इसलिए नहीं जा पाए और यातायात कार्यालय ड्यूटी पर आ गए हैं। जब पूछा कि कोर्ट में उनकी ओर से घर में शादी के कारण नहीं आने की एप्लीकेशन लगाई है तो जवाब दिया- हां, घर पर जरूरी कार्यक्रम होने का मैसेज दिया है।

दो बार बदले बयान

12 मई 2010 को हाड़ा ने सीबीआई को बयान दिया था कि वह हमीद लाला हत्याकांड का अनुसंधान कर रहे थे, जिसमें सोहराबुद्दीन और तुलसी की गिरफ्तारी होनी बाकी थी। उसी साल 29 नवंबर को डीएसपी सुधीर जोशी को तुलसी के भीलवाड़ा में होने की सूचना मिली। जोशी के साथ वह और रणविजय सिंह भीलवाड़ा गए, जहां से तुलसी को गिरफ्तार कर उदयपुर लाए थे। फिर 16 जुलाई 2011 को सीबीआई के सामने और 29 अगस्त 2011 को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान में हाड़ा ने बताया कि तुलसी को पकड़ने के लिए वह डीएसपी जोशी, निरीक्षक रणविजय सिंह व पुलिस टीम के साथ 29 नवंबर को नहीं, बल्कि 26 नवंबर को गए थे। उसी दिन तुलसी को पकड़कर हाथीपोल थाने लेकर आ गए थे।