--Advertisement--

health अवेयरनेस

Shahjanpur News - health अवेयरनेस स्किन की बीमारियों में आजकल अल्ट्रावॉयलेट थैरेपी का यूज किया जा रहा है। इसमें वो किरणें दी जाती...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 07:05 AM IST
health अवेयरनेस
health अवेयरनेस

स्किन की बीमारियों में आजकल अल्ट्रावॉयलेट थैरेपी का यूज किया जा रहा है। इसमें वो किरणें दी जाती हैं, जो हमें सूर्य से मिलती हैं, इसलिए यह इलाज फोटोथैरेपी कहलाता है। फोटोथैरेपी के जरिए सफेद दाग यानी विटिलिगो, सोरायसिस और एग्जिमा को ठीक किया जा रहा है।

अल्ट्रावॉयलेट ट्यूबलाइट से देते हैं थैरेपी

फोटोथैरेपी में नैरो बैंड यूवीबी का यूज करते हुए अल्ट्रावॉयलेट ट्यूबलाइट के जरिए पेशेंट्स को अल्टावॉयलेट किरणें दी जाती हैं। जिस भी व्यक्ति को यह थैरेपी लेनी होती है, उसको चश्मा लगाना जरूरी होता है ताकि आखों को नुकसान नहीं पहुंचे। पैनल में लगी ट्यूबलाइट के अलावा एक बंद चैंबर भी होता है, जिसमें पेशेंट्स को एक सीमित समय के लिए बैठा दिया जाता है। मेडिसिन की तुलना में साइड इफेक्ट‌्स कम होने की वजह से बच्चों और व्यस्कों में दोनों में देना सुरक्षित माना जाता है। इस थैरेपी के रिजल्ट ज्यादा बेहतर हैं, थैरेपी का छह सप्ताह का कोर्स होता (सप्ताह में तीन दिन)। थैरेपी का पीरियड बीमारी की स्टेज पर निर्भर करता है।

सफेद दाग और सोरायसिस में फोटोथैरेपी से मिलेगा आराम

यूएवी यानी अल्ट्रावॉयलेट-ए थैरेपी

इसमें किरणें (रेज) अलग तरह की होती हैं। एक तरह की लाइट लैम्प के जरिए पेशेंट को थैरेपी दी जाती है, लेकिन यह थेरेपी महंगी होने के वजह से हर सेंटर पर उपलब्ध नहीं है, लिहाजा पेशेंट को ज्यादातर सूर्य की किरणों के जरिए ही यह थैरेपी दी जाती है। पेशेंट्स को धूप में बैठाने से पहले स्किन के जिस हिस्से में बीमारी होती है, उस पर लोशन लगाना होता है, ताकि स्किन अल्ट्रावॉयलेट किरणों के लिए सेंसटिव बन जाय। लोशन नहीं लगाने पर टेबलेट खाने की सलाह दी जाती है। उसके दो घंटे बाद पेशेंट्स को धूप में बैठाया जाता है। दो घंटे बाद स्किन में इस टेबलेट के असर आते हैं। ये टेबलेट 12 साल से कम उम्र में बच्चों में देना अवॉइड किया जाता है।

- डॉ. रामगुलाटी, डर्मोटोलॉजिस्ट, जयपुर

X
health अवेयरनेस
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..