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संतुलित बजट, एमएसएमई को राहत का स्वागत

प्रदेश के व्यापार और उद्योग जगत ने केंद्रीय बजट को संतुलित बताया है। छोटे और मध्यम श्रेणी के कारोबारियों के लिए...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 07:05 AM IST
प्रदेश के व्यापार और उद्योग जगत ने केंद्रीय बजट को संतुलित बताया है। छोटे और मध्यम श्रेणी के कारोबारियों के लिए एमएसएमई फंड की व्यवस्था का भी स्वागत किया गया है।

फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार मध्यम एवं छोटे श्रेणी के व्यापारी वर्ग के लिए इस संतुलित बजट में विशेष व्यवस्था का कदम सराहनीय है। एमएसएमई को ऑनलाइन लोन की व्यवस्था की घोषणा भी बेहतर है। साथ ही 250 करोड़ रुपए के कारोबार वाली कंपनियों काे आयकर में पांच फीसदी की रियायत देने का कदम भी उचित है। संरक्षक सुरजाराम मील के अनुसार बजट में किसानाें के लिए कुछ खास नहीं किया गया जबकि उन्हें काफी उम्मीदें थीं। फोर्टी वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण अग्रवाल के अनुसार यह कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था व स्वास्थ्य बुनियादी सुविधाओं वाला बजट है।

निर्यातक रफीक खान के अनुसार टेक्सटाइल का एक्सपोर्ट उद्योग पिछले छह माह में जीएसटी के बाद बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसमें पहले इंसेटिव नौ फीसदी था जिसे सरकार ने खत्म कर दिया।


फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल के चेयरमैन और कजारिया सिरेमिक्स के सीएमडी अशोक कजारिया के अनुसार बजट विकासोन्मुखी और समाज के सभी वर्गों पर केंद्रित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक की मेडिकल कवरेज प्रदान करने का कदम प्रशंसनीय है। सह-अध्यक्ष रणधीर विक्रम सिंह के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कौशल विकास, प्रौद्योगिकी विकास, निजी निवेश को आकर्षित करने, ब्रांडिंग और विपणन के साथ दस प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव स्वागत योग्य कदम है।


राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता के अनुसार कृषि व किसान को बढ़ावा देने के लिए सभी फसलों के समर्थन मूल्य घोषित करने की बात कही गई है लेकिन समर्थन मूल्य पर खरीद करने और उनका भुगतान करने आदि का रोडमेप नहीं बताया गया है। कृषि संबंधी प्रावधानों से कृषि मण्डी में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने में मदद मिलेगी।


दी एम्प्लायर्स एसोसिएशन आॅफ राजस्थान के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जैन के अनुसार बजट गांव, गरीब, कृषि, लघु किसान, लघु उद्योग, एमएसएमई एवं वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित किया गया है। एमएसएमई के लिए 3,794 करोड़ का आवंटन एवं टीवी व मोबाइल के कुछ पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से देश के उद्योगाें को प्रोत्साहन मिलेगा।


राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र डागा और मानद महासचिव डॉ. केएल जैन के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपए सालाना इलाज के लिए देना एक बड़ी घोषणा है। बजट चुनावों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।


जीनस ग्रुप के चेयरमैन आईसी अग्रवाल के अनुसार बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए था। फिर भी वित्तीय घाटे को कम करने, एसएमई सेक्टर को बूस्ट जैसे कदम सराहनीय हैं। सीआईआई राजस्थान के चेयरमैन बसंत खेतान के अनुसार बजट में दीर्घकालिक सोच दिखाई देती है। निदेशक और राज्य परिषद प्रमुख नितिन गुप्ता के अनुसार बजट संतुलित है और भावी ग्रोथ का संकेत देता है। सीआईआई इंडियन वूमन नेटवर्क राजस्थान चैप्टर की चेयरपर्सन किरण पोद्दार और वाइस चेयरपर्सन शीनू झंवर के अनुसार मेडिकल सेक्टर में उठाए गए कदम सराहनीय हैं। पूर्व चेयरमैन आनंद सिंघल के अनुसार बजट में सकारात्मक सोच है लेकिन इसपर अमल कैसे होगा, यह विचारणीय मुद्दा रहेगा।

बजट बहुत निराशा जनक रहा



कर सलाहकार संदीप अग्रवाल का कहना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को बढ़ाकर 40000 करना राहत है, लेकिन एक फीसदी सेस लगाकर इसे वापस ले लिया।

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