शाहजहांपुर

--Advertisement--

लोहागढ़ के गले में सुजानगंगा की माला...

भास्कर पहली बार लेकर आया खास आपके लिए 2.4 वर्ग किमी. में फैले किले और 2.9 किमी. लंबी सुजानगंगा नहर एक ही फोटोे में। 650...

Dainik Bhaskar

Apr 06, 2018, 07:15 AM IST
लोहागढ़ के गले में सुजानगंगा की माला...
भास्कर पहली बार लेकर आया खास आपके लिए 2.4 वर्ग किमी. में फैले किले और 2.9 किमी. लंबी सुजानगंगा नहर एक ही फोटोे में।

650 कारीगरों ने प्रधान शिल्पी अमरसिंह की देखरेख में लोहागढ़ दुर्ग को 8 साल में तैयार किया। नींव 1733 ईस्वी को बसंत पंचमी को रखी गई थी। किले की सुरक्षा के लिए बनी सुजानगंगा नहर 200-250 फुट चौड़ी और 30 फीट गहरी है। फोर्टवाल के सहारे 8 बुर्ज बनी हैं।

1804 ईसवी में ईस्ट इंडिया कंपनी के लार्ड लेक ने 4 आक्रमण किए थे। इसमें अंग्रेज सेना के 3203 जवान और अफसर मारे गए। जिसकी चर्चा लंदन तक हुई। गजेटियर में लिखा है कि अंग्रेजी सेना की नीति का अधिकांश भाग भरतपुर में दफन हो गया।

कंटेंट : प्रमोद कल्याण, फोटो : कैलाश नवरंग

1764 ईसवी में किले के दक्षिण द्वार पर लगे अष्टधातु के गेट को महाराजा जवाहर सिंह दिल्ली से जीतकर लाए थे। जिसे अलाउद्दीन खिलजी चित्तौड़ से लूट कर ले गया था। अष्टधातु गेट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। किले में महल, दरबार हाल, मंदिर का विशेष निर्माण कराया गया।

X
लोहागढ़ के गले में सुजानगंगा की माला...
Click to listen..