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एआई से ऑफिस में निष्पक्षता बढ़ सकती है और दमन भी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बिज़नेस में घुसता चला जा रहा है। मांग का अनुमान लगाने, कर्मचारियों की नियुक्ति और...

Dainik Bhaskar

Apr 06, 2018, 07:15 AM IST
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बिज़नेस में घुसता चला जा रहा है। मांग का अनुमान लगाने, कर्मचारियों की नियुक्ति और ग्राहकों से निपटने के लिए हर तरह की कंपनियां एआई आजमा रही हैं। 2017 में कंपनियों ने एआई संबंधी विलय और अधिग्रहणों पर करीब 1.45 लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे, जो 2015 की तुलना में 26 गुना अधिक है। मैकेंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट के मुताबिक सिर्फ मार्केटिंग, सेल्स और सप्लाई चैन में एआई लागू करने से अगले 20 वर्षों में मुनाफे व कुशलता के रूप में 1.78 लाख करोड़ रुपए की वैल्यू निर्मित होगी। गूगल ने तो यह तक कहा है कि एआई मानवता के लिए आग और बिजली से भी ज्यादा काम करेगा। ऐसे अतिशयोक्तिपूर्ण पूर्वानुमानों से चिंता के साथ उम्मीद भी पैदा होती है। कई लोगों को चिंता है कि एआई नई नौकरियां पैदा करने की तुलना में अधिक तेजी से नष्ट करेगा। डेटा के क्षेत्र में प्रवेश और डेटा निर्मित करने में बैरिअर से हर क्षेत्र में चंद कंपनियां हावी हो सकती हैं।

उतना ही महत्वपूर्ण यह है कि एआई वर्क प्लेस यानी कार्यस्थलों को कैसे बदलेगा। एआई के जरिये मैनेजरों का अपने कर्मचारियों पर असाधारण नियंत्रण हो जाएगा। अमेजॉन ने रिस्टबैंड पेटेन्ट कराया है, जो वेयरहाउस वर्कर की हाथ की गतिविधियों पर निगाह रखता है और वाइब्रेशन का उपयोग कर उसे अधिक कुशलता से काम करने के लिए प्रेरित करता है। सॉफ्टवेयर फर्म वर्कडे करीब 60 तथ्यों की जांच कर पूर्वानुमान लगाती है कि कौन-सा कर्मचारी छोड़कर जाएगा। स्टार्टअप ह्यूमैनाइज छोटे आईडी बैज़ बेचती हैं, जो दफ्तर के आसपास कर्मचारियों पर निगाह रखेगा और बताएगा कि वे अपने सह-कर्मियों के साथ कितनी अच्छी तरह इंटरेक्ट करते हैं। काम की जगह पर निगरानी नई बात नहीं है। बहुत पहले से ही फैक्ट्री वर्कर के अंदर जाने व बाहर आने पर निगाह रखी जा रही है और बॉस देख सकते हैं कि बेकार वर्कर अपने कम्प्यूटर पर क्या करते हैं। लेकिन, एआई सर्वव्यापी निगरानी को उपयोगी बना देता है, क्योंकि हर डेटा बहुत कीमती है। काम की जगह पर डेटा कैसे इकट्‌ठा किया जाता है इससे संबंधित कुछ ही नियम हैं। कई कर्मचारी सतर्कता न बरतकर एम्प्लाइमेंट कॉन्ट्रैक्ट साइन करते समय निगरानी को सहमति दे देते हैं। यह सब हमें कहां ले जाएगा?

फायदों से शुरू करते हैं। इससे उत्पादकता बढ़नी चाहिए। ह्यूमैनाइज अपने बैज़ के डेटा को कर्मचारियों के कैलेंडर, ई-मेल और वर्कआउट से जोड़ देता है। जैसे ऑफिस का ले-आउट टीमवर्क के अनुकूल है या नहीं। वर्कप्लेस मैसेजिंग एप ‘स्लैक’ मैनेजरों को यह आकलन करने में मदद करता है कि कितनी जल्दी कर्मचारी काम पूरा करता है। कंपनी न सिर्फ यह देख पाएंगी कि कर्मचारी कब ऊंघ रहा है बल्कि यह भी पता चल जाएगा कि कब वह दुर्व्यवहार कर रहा है। खर्च के दावों में गड़बड़ियों का भी पता लग जाएगा। इससे कर्मचारियों को भी फायदा होगा। एआई यह चेक करेगा कि वर्कर ने सुरक्षा उपकरण पहने हैं या नहीं और वह तय करेगा कि फैक्ट्री में किसी को भी नुकसान न हो। कुछ अपनी वर्कप्लेस पर अधिक फीडबैक का स्वागत करेंगे कि कैसे बेहतर काम करें, इसका पता लग सके। स्टार्टअप ‘कोजिटो’ ने एआई वाला ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है, जो कस्टमर सर्विस के कॉल सुनता है और स्कोर देता है कि एजेंट कितनी समझदारी दिखाते हैं, कितने तेज हैं और कितनी कुशलता से वे शिकायतें दूर करते हैं।

मशीन यह सुनिश्चित कर सकती है कि वेतनवृद्धि व पदोन्नति हकदारों को ही मिले। इसकी शुरुआत नियुक्ति से ही होती है। लोग प्राय: पक्षपाती होते हैं पर अलगोरिदम सही ढंग से डिज़ाइन हो तो यह अधिक निष्पक्ष हो सकता है। मैनेजर जानबूझकर या अनजाने वेतन में लैंगिक व नस्लीय भेदभाव, यौन उत्पीड़न आदि की अनदेखी करते हैं, यह उसे भी पकड़ लेगा।

एआई के फायदों के साथ कई खामियां भी आएंगी। अलगोरिदम भी उनके प्रोग्रामरों के पक्षपात से मुक्त नहीं हो सकते। यदि एआई सिर्फ उत्पादकता पर ही ध्यान देगा तो युवा स्टाफ के मुकाबले धीमी गति से काम करने वाले पुराने स्टाफ को जॉब खोना पड़ सकता है। कंपनियां अब निगरानी कर रही हैं कि कर्मचारी कितना वक्त ब्रेक में गुजारते हैं।

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टेक्नोलॉजी... अधिक उत्पादक वर्कफोर्स तो बहुत अच्छी बात है लेकिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार हो तो यह गलत होगा।

अमेजॉन ने रिस्टबैंड पेटेन्ट कराया है। यह वेयरहाउस वर्कर की हाथ की गतिविधियों पर निगाह रखता है और वाइब्रेशन से उसे अधिक कुशलता से काम करने के लिए प्रेरित करता है। सॉफ्टवेयर फर्म वर्कडे पूर्वानुमान लगाती है कि कौन-सा कर्मचारी छोड़कर जाएगा। स्टार्टअप ह्यूमैनाइज छोटे आईडी बैज़ बेचती हैं, जो दफ्तर के आसपास कर्मचारियों पर निगाह रखेगा।

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