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30 हजार करोड़ के फ्रॉड मामले में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन सहित पांच आरोपी गिरफ्तार

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली/ फरीदाबाद 30 हजार करोड़ रुपए के फ्रॉड के मामले में फरीदाबाद के एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन...

Dainik Bhaskar

Apr 06, 2018, 07:15 AM IST
भास्कर न्यूज | नई दिल्ली/ फरीदाबाद

30 हजार करोड़ रुपए के फ्रॉड के मामले में फरीदाबाद के एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन्हें बुधवार देर रात दिल्ली के महिपालपुर स्थित आमरा होटल से पकड़ा गया। इन पर निवेशकों के 23 हजार करोड़ और बैंकों के करीब सात हजार करोड़ रुपए नहीं लौटाने का आरोप है। अनिल जिंदल के साथ विनोद गर्ग, बिशन बंसल, नानकचंद तायल और देवेंद्र अधाना को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों को गुरुवार को जेएमआईसी पल्लवी झा की कोर्ट में पेश कर 10 दिन का रिमांड मांगा। गुरुवार को बहस पूरी नहीं हो पाई। शुक्रवार को भी बहस जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद के सेक्टर-31 थाने में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन जिंदल सहित अन्य डायरेक्टरों के खिलाफ फ्रॉड के 22 केस दर्ज हैं। हालांकि किसी बैंक ने अभी तक ग्रुप के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

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फाइनेंस कंपनी के नाम पर 25 साल से जमा कर रहा था पैसे

जिंदल ने 25 साल पहले फाइनेंस कंपनी के जरिये आम लोगों से पैसे जमा करने शुरू किए थे। उसने एसआरएस मॉल से व्यापार शुरू किया और बाद में एसआरएस कंपनी बनाकर रिटेल, सिनेमा, ज्वेलरी एवं प्रॉपर्टी सहित कई धंधों में पांव फैलाए। शुरू में वह 3 रुपए सैकड़ा की दर से ब्याज देता था। समय पर किस्त व ब्याज देने के कारण लोग भरोसा करने लगे और ग्रुप के पास हजारों करोड़ रुपए जमा हो गए।

ये तो नीरव कांड से भी बड़ा मामला

हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि यह घोटाला नीरव मोदी वाले कांड से भी बड़ा है। एसआरएस ग्रुप पर करीब 20 हजार परिवारों का 23 हजार करोड़ रुपए बकाया है। यही नहीं ग्रुप ने बैंकों से लिए कर्ज के 7 हजार करोड़ रुपए भी नहीं लौटाए हैं।

2654 करोड़ के बैंक कर्ज घोटाले में डायमंड पावर के ठिकानों पर छापेमारी

वडोदरा|सीबीआई ने 2,654 करोड़ रुपए के बैंक कर्ज घोटाले में गुरुवार को गुजरात के वडोदरा की बिजली के केबल और उपकरण निर्माता कंपनी मैसर्स डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही कंपनी के डायरेक्टरों के दफ्तर, घर और अन्य कई ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी के प्रमुख एवं डायरेक्टर एसएन भटनागर, अमित भटनागर और सुमित भटनागर के गोरवा स्थित कारपोरेट कार्यालय तथा समलाया के फैक्ट्री और आवास आदि पर छापेमारी की गई। कंपनी ने अपने कारोबार और बिक्री के बारे में गलत जानकारी देकर 11 बैंकों और 8 अन्य वित्तीय कंपनियों के गठजोड़ से 2,654 करोड़ रुपए का कर्ज ले लिया था। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई बैंक कर्मियों की भी मिलीभगत थी। कंपनी ने रिजर्व बैंक की ओर से इसे काली सूची में डाले जाने के बावजूद बैंकों से इतनी मोटी रकम बतौर कर्ज हासिल कर ली थी।

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