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अपूर्वी ने 2014 में जीता था सोना, इस बार कांस्य जीता तो प्रदेशभर में जश्न

Dainik Bhaskar

Apr 10, 2018, 05:00 AM IST

Shahjanpur News - उदयपुर | गोल्ड कोस्ट, आस्ट्रेलिया में खेले जा रहे कॉमनवैल्थ गेम्स में मूलत: उदयपुर शहर के चांदपोल की रहने वाली...

अपूर्वी ने 2014 में जीता था सोना, इस बार कांस्य जीता तो प्रदेशभर में जश्न
उदयपुर | गोल्ड कोस्ट, आस्ट्रेलिया में खेले जा रहे कॉमनवैल्थ गेम्स में मूलत: उदयपुर शहर के चांदपोल की रहने वाली इंटरनेशनल शूटर अपूर्वी चंदेला ने सोमवार को भारत के लिए कांस्य पदक जीता है। उदयपुर की बेटी अपूर्वी की इस उपलब्धि पर सोमवार को उदयपुर से जयपुर तक जश्न का माहौल है।

उनके पिता कुलदीप सिंह चंदेला, उदयपुर में दादी कैलाश कुंवर, ताऊ विक्रमसिंह चंदेला आदि ने इस जीत काे सेलिब्रेट किया। कुलदीप सिंह ने कहा, बेटी ने फिर से हमारा मान बढ़ाया है। सबको पूरी उम्मीद थी कि आस्ट्रेलिया से अपूर्वी खाली हाथ नहीं आएगी। कुलदीप सिंह ने भास्कर को बताया कि 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में अपूर्वी ने क्वालिफाइंग राउंड में अच्छी शुरुआत कर 423.3 पॉइंट हासिल कर विश्व रिकार्ड बनाया। इसके बाद प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इससे पहले 2014 में भी अपूर्वी देश के लिए कॉमनवैल्थ में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। चंदेला बताते हैं कि पदक जीतने के बाद बेटी काफी खुश थी।

उदयपुर की बेटी अपूर्वी ने राइफल इवेंट तो सीकर के ओमप्रकाश ने शूटिंग में देश को दिलाया कांस्य

जश्न मनाते अपूर्वी के परिजन।

11 को हाेने वाले मुकाबले में कांस्य को स्वर्ण पदक में बदल दूंगा : आेमप्रकाश

सीकर | कॉमनवेल्थ में शूटिंग में कांस्य जीतने वाले निमड़ी गांव के आेमप्रकाश मिठारवाल का कहना है कि यह पदक मैं देश के लोगों को समर्पित करता हूं। सीकर ने मुझे बहुत कुछ दिया है। गोल्ड नहीं जीतने का थोड़ा गम है, लेकिन खुशी इस बात की है कि भारत ने कॉमनवेल्थ में शानदार प्रदर्शन किया। अब मेरा पूरा फोकस 11 अप्रैल को होने वाले 50 मीटर एयर पिस्टल मैच पर है। इसमें हर हाल में गोल्ड जीतना मेरा सपना है। भारत को गोल्ड दिलाने के लिए ओमप्रकाश हर दिन छह घंटे की प्रैक्टिस कर रहे हैं। ओमप्रकाश ने बताया कि फाइनल 8 में शॉट काफी अच्छे चल रहे थे, लेकिन एक अंतिम खराब शॉट ने मुझे पीछे कर दिया। 70 देशों के क्वालीफाई राउंड में मैं 584 पॉइंट के साथ एक नंबर पर था। लगातार अच्छा खेलने के बाद फाइनल राउंड में पीछे चला जाना, बेहद मायूसी वाला होता है। उन्होंने कहा-कोई बात नहीं बेटा। अगली बार गोल्ड जरूर जीतेगा। (जैसा कि ओमप्रकाश मिठारवाल ने आस्ट्रेलिया से भास्कर रिपोर्टर विक्रम सोलंकी को बताया।)

ओमप्रकाश की मां को मिठाई खिलाती उसकी प|ी।

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